Horticulture Crops Production: फाइनेंशियल ईयर 2024 के दौरान बागवानी फसलों का उत्पादन 35.5 पर स्थित रहने का अनुमान है। दरअसल भारत के कृषि मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024 के लिए बागवानी फसलों के उत्पादन का आदमन जारी किया जिसमें उसमें स्थित था की बात कही है। इस दौरान कृषि मंत्रालय ने प्याज आलू और दूसरे बागवानी के फल और सब्जियों के उत्पादन के बारे में भी जानकारी दी है।
गौरतलब है कि भारत में बागवानी फसलों में प्याज की पैदावार में 47 लाख टन की गिरावट दर्ज की गई है। सरकार द्वारा जारी किए जा रहे आंकड़े के मुताबिक, 47 लाख तन की जबरदस्त गिरावट होने के बाद प्याज का प्रोडक्शन 53,53 करोड़ टन पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

एग्रीकल्चर मिनिस्ट्री के द्वारा यह साल 2023 24 के लिए पहले अग्रिम अनुमान है जिसे जारी किया गया है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इस अनुमान के मुताबिक बागवान उत्पादन में पिछले साल 35 करोड़ 54.8 लाख तान के मुकाबले इस बार 35 करोड़ 52.5 टन रहने का अनुमान है।
अगर इन आंकड़ों पर हम नजर डालते हैं तो यह साफ देखने को मिल रहा है, कि इस साल बागवानी की फसलों का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले घटा है। जिसके कारण इनकी कीमत में भी तेजी देखने को मिल सकती है।
एक सरकारी बयान में इस बात का खुलासा भी किया गया है कि बागवानी फसलों की खेती का रकबा पिछले साल 287.4 लाख हेक्टेयर से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर में 287.7 लाख हेक्टेयर रहा है।
जारी किए गए आंकड़ों की मन तो इस बार फलों के उत्पादन में गिकावट देखने को मिल सकती है जो 11 करोड़ 2.1 लाख टन से बढ़कर इस वित्तीय वर्ष में 11 करोड़ 20.8 लाख पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऐसा माना जा रहा है कि केले आम और दूसरे फलों के प्रोडक्शन में आने वाली तेजी के कारण फलों की उत्पादन में यह जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है।
कम हो सकता है सब्जियों का उत्पादन
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि कृषि मंत्रालय ने एक और अनुमान में सब्जियों का उत्पादन कम रहने की बात कही है। अगर वर्ष 2022-23 के अंतिम की बात की जाए तो इस दौरान सब्जी का टोटल प्रोडक्शन 21 करोड़ 25.5 टन था। कृषि मंत्रालय द्वारा अनुमान लगाया गया है कि इस बार सब्जियों का प्रोडक्शन घटकर 2093.9 लाख टन रहने का अनुमान है। जो कि पिछले साल के मुकाबले काफी कम होगा।
इसके अलावा कृषि विभाग में प्याज टमाटर और आलू जैसी सब्जियों की अलग-अलग प्रोडक्शन के बारे में भी अपने कयास लगाए हैं।
घट सकता है आलू का उत्पादन
आपकी जानकारी के लिए बता दे की साल 2024 में आलू का प्रोडक्शन लगभग 589.994 लाख टन होने की उम्मीद है जबकि पिछले साल आलू का प्रोडक्शन 600 लाख टन से भी ज्यादा का था। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पश्चिम बंगाल में आलू के प्रोडक्शन में आई कमी के कारण यह भारी गिरावट देखने को मिल रही है।
प्याज का प्रोडक्शन भी हो सकता है कम
मिल रही जानकारी के मुताबिक इस बार प्याज का कुल प्रोडक्शन 254.73 रहने का अनुमान लगाया गया है। अगर इस अनुमान को देखते हैं तो यह पिछले साल में टोटल प्याज के उत्पादन से लगभग 16 प्रतिशत तक कम है। पिछले साल प्याज का टोटल प्रोडक्शन 302.018 बन रहा था। यही कारण है कि प्याज की कीमतों को कम करने के लिए भाजपा की केंद्र सरकार ने प्याज के एक्सपोर्ट पर भी रोक लगा दिया है।


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