नयी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी फाइनेंस कंपनियों में से एक HDFC को 2019-20 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 8,372.49 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। इसके मुकाबले 2018-19 की इसी तिमाही में एचडीएफसी 2,113.80 करोड़ रुपये के मुनाफे में रही थी। यानी साल दर साल आधार पर एचडीएफसी के मुनाफे में करीब 4 गुना बढ़ोतरी हुई। बता दें कि जानकारों ने अंदाजा लगाया था कि एचडीएफसी को 6300 करोड़ रुपये का मुनाफा हो सकता है। मगर कंपनी ने इससे काफी अधिक मुनाफा कमाया। 2018-19 की तीसरी तिमाही के मुकाबले 2019-20 की इसी तिमाही एचडीएफसी के मुनाफे में 296 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। आपको बता दें कि एचडीएफसी ने अपनी सब्सिडरी गृह फाइनेंस बंधन बैंक को बेच दी है, जिससे कंपनी को एक बार में तगड़ा मुनाफा हुआ। इसी वन टाइम प्रोफिट का एचडीएफसी के नतीजों पर सकारात्मक असर पड़ा। इस सौदे से एचडीएफसी को 9019.81 करोड़ रुपये हासिल हुए।

आमदनी भी हुई दोगुनी
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एचडीएफसी की कुल आमदनी भी लगभग दोगुनी हो गयी। एचडीएफसी की कुल आमदनी 10,582.49 करोड़ रुपये के मुकाबले 91.82 फीसदी उछल कर 20,285.47 करोड़ रुपये की हो गयी। वहीं इसकी ब्याज इनकम 9863.28 करोड़ रुपये से बढ़ कर 10,727.38 करोड़ रुपये रही। हालांकि एचडीएफसी के प्रोविजन में काफी बढ़ोतरी हुई। कंपनी के प्रोविजन 116 करोड़ रुपये से बढ़ कर 2995 करोड़ रुपये के हो गये, जो सितंबर तिमाही तक 754 करोड़ रुपये के थे।
लोन में भी बढ़ोतरी
कंपनी की लोन बुक (दिये गये लोन) भी 3.89 लाख करोड़ रुपये से 13 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 4.41 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गये। मगर कंपनी के सकल एनपीए लोन 5950 करोड़ रुपये के हो गये, जो इसके कुल लोन पोर्टफोलियो के 1.36 फीसदी हैं। एचडीएफसी मुंबई स्थित फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी है। ये बैंकिंग, लाइफ और जनरल इश्योरेंस, म्यूचुअल फंड, वेंचर कैपिटल, रियल्टी, एजुकेशन, डिपॉजिट और एजुकेशन लोन में भी अपनी सेवाएँ देती है। इसकी स्थापना 1977 में की गयी थी।
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