नयी दिल्ली। 2016 में हुई नोटबंदी के बाद जिन लोगों को किसी तरह की गड़बड़ी के संदेह में आयकर विभाग की तरफ से नोटिस भेजा गया था उनके लिए राहत की खबर है। सरकार एक नयी योजना लाने जा रही है, जिससे ऐसे लोगों को फायदा मिलेगा। सरकार की नयी टैक्स ऐम्नेस्टी योजना के जरिये नोटिस पाने वाले लोगों को रियायत दी जायेगी। बीते शनिवार को बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी दी थी कि टैक्स के विवादित मामलों और मुकदमों को कम करने के लिए 'विवाद से विश्वास' योजना लाई जायेगी। इस योजना के तहत अपना बकाया पूरा टैक्स चुकाने वालों को जुर्माने और ब्याज से छूट दी जायेगी। ज्ञात हो कि सरकार ने नवंबर 2016 में उस समय चलने वाले 1000 रुपये और 500 रुपये के नोट बंद कर कर दिये थे। जिन लोगों ने पुराने नोट बैंक में जमा करवाते समय उनके स्रोत की जानकारी नहीं थी बाद में ऐसे लोगों को टैक्स प्राधिकरण की तरफ से नोटिस भेजे गये थे।
सर्च से जुड़े मामलों में रियायत नहीं
राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया है कि सर्च से जुड़े मामलों को अलग रखा जायेगा। सरकार की तरफ से योजना की रूपरेखा तैयार की जायेगी। पांडे के अनुसार नोटबंदी के समय के कुछ मामलों को अंतिम रूप दिया गया है और कुछ लोग अपील करने गए हैं, उन्हें लाभ मिल सकता है। वहीं बजट में प्रस्तावित नये टैक्स सिस्टम पर पांडे ने कहा कि पांडे ने कहा कि नयी व्यक्तिगत टैक्स प्रणाली, जो लोगों को कम टैक्स रेट पर सभी छूट देने का विकल्प देती है, का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को आसाना बनाना और रिटायर हो चुके जैसे लोग जो कटौती के लिए क्लेम नहीं करते, को उचित विकल्प देना है।
मजबूरन करना पड़ता है निवेश
राजस्व सचिव के मुताबिक लोगों को कभी-कभी टैक्स छूट का फायदा उठाने के लिए मजबूरन निवेश करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि नये टैक्स सिस्टम पर सरकार का दावा यह नहीं है कि सभी को टैक्स बेनेफिट दिया जाये। बल्कि सरकार का नीतिगत उद्देश्य एक आसान टैक्स सिस्टम पेश करना है, जिसमें यदि संभव हो तो, उन लोगों को कुछ राहत दी जाये, जो बेनेफिट लेने में असमर्थ हैं। पांडे ने कहा है कि दुनिया के कई देशों में ऐसा टैक्स सिस्टम है जिसमें लोगों को आइटम के हिसाब से टैक्स डिडक्शन लेने या फ्लैट डिडक्शन लेने का विकल्प मिलता है।
नये टैक्स सिस्टम से खत्म होंगी बहुत सी छूट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान इनकम टैक्स की दरों में कटौती और टैक्स स्लैब में संशोधन करके सैलेरी वर्ग के लिए एक नये टैक्स सिस्टम का प्रस्ताव रखा है। हालांकि नया टैक्स सिस्टम वैकल्पिक है और मगर कर भुगतान करने वालों को इसका फायदा उठाने के लिए 70 कर छूटों को छोड़ना पड़ेगा। नये टैक्स सिस्टम में 5 लाख और 15 लाख रुपये के बीच की आय के लिए चार नए कर स्लैब पेश किए हैं, जिन पर 5 से 25 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा। अब ये करदाताओं को देखना है कि वे किस तरह से टैक्स छूट ले सकते हैं।
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