अगर आपने अब तक अपने वाहन में फास्ट टैग नहीं लगवाया है तो आपके लिए राहत की खबर है। दरअसल सरकार ने फास्टैग की अनिवार्यता की तारीख बढ़ाई है।
नई दिल्ली: अगर आपने अब तक अपने वाहन में फास्ट टैग नहीं लगवाया है तो आपके लिए राहत की खबर है। दरअसल सरकार ने फास्टैग की अनिवार्यता की तारीख बढ़ाई है। नेशनल हाईवे पर टोल भुगतान के लिए फास्टैग अनिवार्यता की एक दिसंबर की तारीख को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आगे बढ़ा दिया है। बता दें कि पहले फस्टैग योजना को एक दिसंबर 2019 से लागू किया जाना था लेकिन कई तकनीकी वजहों से इसे 15 दिन के लिए और बढ़ाया गया है। अब मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि लोगों को फास्टैग खरीदने की अतिरिक्त मोहलत देने के लिए यह फैसला किया गया है कि शुल्क प्लाजा के सभी लेन को 15 दिसंबर से फास्टैग लेन ऑफ फी प्लाजा घोषित किया जाएगा। डेडलाइन: आज ही निपटा लें ये काम, वरना फंस जाएगा आपका पैसा ये भी पढ़ें

अब तक 70 लाख से अधिक फास्टैग जारी
वहीं बुधवार तक 70 लाख से अधिक फास्टैग जारी कर दिए गए थे। जुलाई में रोजाना आधार पर औसत 8,000 फास्टैग जारी किए जा रहे थे। लेकिन फास्टैग को एक दिसंबर से अनिवार्य करने की घोषणा करने के बाद यह संख्या 330 फीसदी बढ़कर नवंबर 2019 में 35,000 हो गई। 21 नवंबर से टैग की कीमत माफ किए जाने की घोषणा के बाद इस संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। 26 नवंबर को 1,35,583 फास्टैग जारी किए गए।
जानकारी दें कि मंत्रालय ने डिजिटल भुगतान और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए एक दिसंबर से फास्टैग को अनिवार्य करने की घोषणा की थी। हालांकि हर दिशा में एक लेन को हाइब्रिड लेन रखने का फैसला किया गया है। इस लेन में फास्टैग के साथ अन्य माध्यम से भी भुगतान स्वीकार किया जाएगा।
क्या है फास्टैग
फास्टैग रेडियो फ्रिक्वेंसी टैग की तरह है, जिसे गाड़ी की आगे वाले पर लगाया जाता है। इसे समय-समय पर रिचार्ज कराया जा सकता है। इसके लगे रहने का फायदा यह है कि गाड़ी के टोल प्लाजा से होकर गुजरने के दौरान इस टैग के जरिए टोल पर गाड़ी की पहचान हो जाती है। जितना टोल पेमेंट देना होता है, उतनी राशि उस टैग के जरिए खुद से ही कट जाती है। यानी टोल पर रुकने की जरूरत नहीं होती है।


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