नई दिल्ली। सरकार ने नेशनल हाइवे के टोल प्लाजा से निकलने वाले वाहनों पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया है। इसके चलते सरकार की कमाई दिसंबर माह में ही दोगुनी हो गई है। स्थिति यह है कि दिसंबर में सरकार को इन टोल प्लाजा से रोज 40 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाई होने लगी है। अब देश सभी नेशनल हाइवे पर टोल प्लाजा पर 75 फीसदी गेट में फास्टैग वाले वाहनों को ही गुजरने की इजाजत है। अगर इसमें नॉन फास्टैग वाले वाहन गुजरने की कोशिश करेंगे तो उनसे दोगुना टोल वसूला जाएगा। यही कारण है कि देश की लाखों गाड़ियों में यह फास्टैग लगाया जा चुका है।

ये हैं दिसंबर में फास्टैग से टोल कलेक्शन के आंकड़े
दिसंबर 2019 में देश के नेशनल हाइवे पर टोल प्लाजा में फास्टैग से करीब 64 मिलियन ट्रांजेक्शन हुए हैं। इनमें 1256 करोड़ रुपये की आमदनी सरकार को हुई है। यह रोज के हिसाब से 40 करोड़ रुपसे से ज्यादा की है। टोल प्लाजा पर फास्टैग से नवंबर 2019 में 34 मिलियन ट्रांजेक्शन हुए थे। नवंबर में इन ट्रांजेक्शन से करीब 774 करोड़ रुपये की आमदनी सरकार को हुई थी। यह आंकड़े नेशनल पेमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की तरफ से जारी किए गए हैं। अक्टूबर 2019 में फास्टैग से 31 मिलियन ट्रांजेक्शन हुए थे, जिसमें सरकार को 703 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी।
अभी तक बिक चुके हैं 1.15 करोड़ फास्टैग
सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले हफ्ते तक देश में करीब 1.15 करोड़ फास्टैग स्टीकर बिक चुके हैं। उम्मीद है कि बाकी वाहनों पर यह जल्द ही लग जाएंगे। दूसरी तरफ सरकार ने 15 जनवरी 2020 से तय किया है कि देश के सभी नेशनल हाइवे के टोल प्लाजा पर सिर्फ एक लेन को ही नॉन फास्टैग वाहनों के लिए छोड़ा जाएगा। ऐसे में अगर जिनके वाहनों पर फास्टैग नहीं लगा है, उनको लम्बी लाइन में लगना पड़ेगा। सरकार को उम्मीद है फास्टैग से टोल प्लाजा पर होने वाली चोरी रुकेगी, जिससे सरकार की आमदनी बढ़ेगी।
यह भी पढ़ें : साल जाते-जाते करोड़पति बना गया ये निवेश, अभी भी है मौका


Click it and Unblock the Notifications