यस बैंक के ग्राहकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आयी है। जल्द यस बैंक के ग्राहकों को नकदी निकासी पर लगी पाबंदी से राहत मिलेगी।
नई दिल्ली: यस बैंक के ग्राहकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आयी है। जल्द यस बैंक के ग्राहकों को नकदी निकासी पर लगी पाबंदी से राहत मिलेगी। वित्त मंत्रालय ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर बताया है कि "यस बैंक पर पिछले दिनों 50 हजार रुपये निकासी तय की गई थी। ग्राहकों के इस निकासी सीमा को 18 मार्च को हटा लिया जाएगा। बता दें कि सरकारी अधिसूचना के तहत यह कदम 18 मार्च को शाम 6 बजे उठाई जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक से नकद निकासी पर रोक और अन्य पाबंदियों को एसबीआई की राहत पैकेज योजना के अधिसूचित होने के तीन दिन के भीतर हटा लिया जाएगा। RIL सहित ये हैं सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाली कंपनियां, जाने टॉप 10 की लिस्ट ये भी पढ़ें
इन बैंकों ने की 1,000-1,000 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की
इस बीच, निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी ने 1,000-1,000 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की है। आपको बता दें कि ग्राहकों के लिए 50,000 रुपये तक निकासी सीमा तय की गई। यह रोक तीन अप्रैल तक के लिए लगाई गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस महीने की शुरुआत में यस बैंक के निदेशक मंडल की जगह पर प्रशासक नियुक्ति की थी। इसके साथ ही बैंक खाते से 50,000 रुपये तक की निकासी की सीमा तय करने के साथ अन्य प्रतिबंध लगाए गए थे। आरबीआई के इस फैसले से जमाकर्ताओं को अपनी पूंजी को निकालने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
यस बैंक के ग्राहकों को नकदी निकालने में हो रही दिक्कतें
बता दें कि यस बैंक के ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट और एटीएम से नकदी निकालने में भी दिक्कत हो रही है। इसी तरह, चालू खाता धारकों ने भी कई प्रकार की समस्याओं की सूचना दी है। वहीं शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यस बैंक के लिए केंद्रीय बैंक द्वारा प्रस्तावित पुनर्गठन योजना को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से प्रस्तावित पुनर्गठन योजना को मंजूरी दे दी है।
एसबीआई यस बैंक में 49 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगा
मालूम हो कि भारतीय स्टेट बैंक यस बैंक में 49 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगा और अन्य निवेशकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इस अधिसूचना के सात दिन के भीतर निदेशक मंडल का गठन कर लिया जाएगा। संकट में फंसे यस बैंक के लिए आरबीआई की ओर से प्रस्तावित योजना के मुताबिक, एसबीआई यस बैंक में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा और कम से कम से तीन तक उसे यस बैंक में अपनी 26 फीसदी हिस्सेदारी बरकरार रखनी होगी।


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