नयी दिल्ली। देश पिछले कुछ सालों में मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसी के साथ आरबीआई ने इनके लिए नियम भी तैयार किये। अब आरबीआई ने मोबाइल वॉलेट उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। यदि फोनपे, अमेजनपे या ओला मनी जैसी किसी पेमेंट ऐप का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए भी काम की है। दरअसल आरबीआई ने अपने नये फैसले में इस तरह की मोबाइल वॉलेट ऐप का इस्तेमाल करने वालों को फुल केवाईसी से छूट देने का ऐलान कर दिया है। हालांकि मासिक लेन-देन के मद्देनजर यह छूट सीमित होगी। पिछले कुछ समय से मोबाइल वॉलेट कंपनियाँ अपने उपभोक्ताओं को मैसेज के जरिये फुल केवाईसी करवाने को कह रही थीं। वहीं ये भी कहा जा रहा था कि फुल केवाईसी न करने पर लेन-देन रोक दी जायेगी। मगर फिलहाल आरबीआई ने इस मामले में उपभोक्ताओं को राहत दे दी है।

10000 रुपये से ऊपर की लेन-देन पर होगा जरूरी
आरबीआई ने फुल केवाईसी की अंतिम तिथि आने से पहले ग्राहकों को राहत तो दे दी, मगर यह राहत केवल मासिक 10000 रुपये तक की लेन-देन पर है। यानी अगर आप किसी महीने में मोबाइल वॉलेट के जरिये 10000 रुपये तक की ही लेन-देन करते हैं तो आपको फुल केवाईसी करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मगर इससे अधिक पर आपके लिए फुल केवाईसी जरूरी होगा। इस समय 10000 रुपये तक की लेन-देन पर मोबाइल वॉलेट कंपनियों के लिए केवाईसी जरूरी है मगर फुल केवाईसी जरूरी नहीं है।
31 मार्च 2020 थी आखरी तारीख
फुल केवाईसी करवाने के लिए आरबीआई ने आखरी तारीख 31 मार्च 2020 की तय कर रखी थी। यानी सभी मोबाइल वॉलेट उपयोगकर्ताओं के लिए 31 मार्च 2020 तक फुल केवाईसी करवाना जरूरी था। मगर अब आरबीआई ने इसमें छूट दे दी है। इस बीच पेटीएम ने भी अपना एक नियम बदला है। अब आप क्रेडिट कार्ड से पेटीएम वॉलेट में एक महीने में बिना शुल्क लगे 10,000 रुपये ही डाल पायेंगे। इससे अधिक पैसे क्रेडिट कार्ड से डालने पर पेटीएम 1.75 फीसदी का चार्ज वसूलेगी। 10000 रुपये तक क्रेडिट कार्ड से डालने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
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