Gold में फिर से नई तेजी की शुरुआत हो गई है, या यह सिर्फ एक अस्थायी उछाल है? पिछले कुछ दिनों की कमजोरी के बाद आज Gold और Silver दोनों में शानदार तेजी देखने को मिल रही है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह खरीदारी का सही मौका है या अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए? इसी बीच World Gold Council (WGC) की नई रिपोर्ट ने भी सोने की अगली चाल को लेकर बड़ा संकेत दिया है। आइए जानते हैं कि आज Gold-Silver में तेजी क्यों आई और आगे कीमतों की दिशा क्या रह सकती है।

पहले आज का रेट जान लेते हैं तो आज MCX पर दोपहर करीब 3:20 बजे Gold ₹1,44,470 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि Silver ₹2,31,134 प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रही थी। दोनों कीमती धातुओं में खरीदारी का माहौल देखने को मिला, जिससे बाजार में एक बार फिर तेजी की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
Gold की चाल तीन बड़े फैक्टर्स तय करेंगे-
इसी बीच World Gold Council (WGC) की Gold Mid-Year Outlook 2026 रिपोर्ट भी चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की दूसरी छमाही में Gold की चाल तीन बड़े फैक्टर्स तय करेंगे, भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरें और निवेशकों का रुख। अगर दुनिया में तनाव बढ़ता है, आर्थिक गतिविधियां कमजोर पड़ती हैं या निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर लौटते हैं, तो Gold में एक बार फिर अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
रिकॉर्ड हाई से करीब 26 फीसदी की गिरावट-
हालांकि, साल 2026 की पहली छमाही Gold के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। जनवरी के आखिर में Gold ने करीब 5,405 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड हाई बनाया था। लेकिन इसके बाद मुनाफावसूली और बदलते वैश्विक हालात के चलते जून तक इसकी कीमत गिरकर 4,002 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। यानी रिकॉर्ड हाई से करीब 26 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद Gold पिछले एक साल में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले एसेट्स में शामिल रहा।
डॉलर मजबूत होने से बढ़ेगा दबाव-
WGC का कहना है कि अगर US Dollar मजबूत होता है, ब्याज दरें उम्मीद से ज्यादा बढ़ती हैं और निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले एसेट्स की ओर लौटते हैं, तो Gold पर दबाव बढ़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर Gold लंबे समय तक 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे बना रहता है, तो बिकवाली तेज हो सकती है।
अर्थव्यवस्था में सुस्ती से आएगी रफ्तार-
वहीं दूसरी ओर, अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है या अर्थव्यवस्था में सुस्ती आती है, तो Gold दोबारा मजबूत रफ्तार पकड़ सकता है। इतिहास भी यही बताता है कि बड़ी गिरावट के बाद Central Banks, बड़े संस्थागत निवेशक और रिटेल निवेशक फिर से खरीदारी शुरू कर देते हैं, जिससे कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिलता है।
निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत-
कुल मिलाकर, फिलहाल Gold Market एक अहम मोड़ पर खड़ा है। एक तरफ आज सोने और चांदी में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर WGC की रिपोर्ट आने वाले महीनों के लिए कई अहम संकेत दे रही है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब Federal Reserve की ब्याज दरों, US Dollar की चाल और वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी। यही फैक्टर्स तय करेंगे कि सोना नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा या फिर एक बार फिर दबाव में आ जाएगा।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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