Gold की कीमतें 2021 में एक बार फ‍िर लगा सकती है लंबी छलांग, जानें क्‍यों

सोना खरीदने का प्‍लान कर रहे तो अभी बढ़‍िया मौका है। क्‍योंक‍ि जल्‍द ही कीमतों में इजाफा देखने को मि‍ल सकती है।

नई दिल्‍ली: सोना खरीदने का प्‍लान कर रहे तो अभी बढ़‍िया मौका है। क्‍योंक‍ि जल्‍द ही कीमतों में इजाफा देखने को मि‍ल सकती है। फिलहाल महामारी संक्रमण रोकने के लिए टीका बनाने की खबर से सोने और चांदी कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोने में ऑल टाइम हाई से अब तक करीब 7600 रुपये की गिरावट आ चुकी है। इस साल सोने-चांदी ने एक नया रेकॉर्ड बनाया। Bitcoin में निवेश करने वालों पर बरसा पैसा, जानिए 1 साल की कमाई ये भी पढ़ें

Gold Prices Can Bounce Back In 2021

7 अगस्त 2020 के दिन सोने-चांदी में जबरदस्‍त तेजी देखी गई है। सोने और चांदी दोनों ने ही अपना ऑल टाइम हाई स्‍तर को छुआ। 7 अगस्त को सोने ने 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई का स्तर छुआ था, जबकि चांदी ने 77,840 रुपये प्रति किलो का स्तर छुआ था। सोना अब तक करीब 7600 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरा है, जबकी चांदी करीब 15,000 रुपये प्रति किलो तक गिर चुकी है।

 लंबी अवधि में देखे तो सोने की कीमतों में उछाल आ सकती

लंबी अवधि में देखे तो सोने की कीमतों में उछाल आ सकती

सोने की कीमतें हाल ही में उनके सर्वकालिक उच्च स्तर 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम से ग‍िरकर 47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। हालांकि, अमेरिकी डॉलर 2.5 साल के निचले स्तर तक पर आने के बाद सोना फ‍िर से 49,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर वापस आ गया। हालांकि, लंबी अवधि में देखे तो सोने की कीमतों में उछाल आ सकती है। वित्तीय सेवा एवं बाजार अनुसंधान फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सर्विसेज के अनुसार केंद्रीय बैंकों की ब्याज सस्ता रखने की नीति और भारत में परम्परागत खरीद के मौसम के मद्देनज इस कैंलेंर वर्ष चौथी तिमाही में सोने की मांग में सुधार होगा।

 चौथी तिमाही में सोने की कीमत बढ़ने की संभावना

चौथी तिमाही में सोने की कीमत बढ़ने की संभावना

सोने का भाव लंबी अवधि में 65-67 हजार रुपए प्रति दस ग्राम तक जा सकता है। जानकारी के मुताबि‍क सोने की मांग तीसरी तिमाही में 30 प्रतिशत गिरने के बाद चौथी तिमाही में वापस बढ़ने की संभावना है, क्योंकि इस दौरान आभूषणों की खरीदारी में तेजी आएगी। वहीं एक रिपोर्ट में अनुमान है कि अमेरिकी चुनाव के बाद आने वाले कुछ महीने सोने की कीमत को तय करने के लिए महत्‍वपूर्ण होंगे और इस दौरान केंद्रीय बैंकों का रुख, कम ब्याज दर, कोविड-19 महामारी का प्रभाव और अन्‍य चिंताएं कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं, हालांकि सर्राफा के लिए संभावनाएं अच्छी हैं।

 इस वजह से आ रही है सोने में गिरावट

इस वजह से आ रही है सोने में गिरावट

महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन के मोर्चे पर सकारात्मक खबरों से सोने की कीमतों में गिरावट आ रही है। जानकारों का कहना है कि ग्लोबल इकनॉमी में सुधार और अमेरिका-चीन के बीच तनाव कम होने से निवेशक सोने को छोड़कर शेयर बाजार का रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतों में भारी उछाल की संभावना नहीं है। हालांकि, लंबी अवधि के लिए सोना अभी भी निवेश का अच्छा विकल्प माना जा रहा है।

 सोना में अभी भी न‍िवेश का अच्‍छा व‍िकल्‍प

सोना में अभी भी न‍िवेश का अच्‍छा व‍िकल्‍प

कॉमेक्स पर ड्रॉलर 1,850 प्रति ट्रॉय औंस और भारत में 49,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के मूल्य के साथ, सोना अभी भी उन निवेशकों के लिए एक अच्‍छा व‍िकल्‍प है जो शुरुआती दौर में सोने में न‍िवेश से चूक गए थे। इसके बाद भी जानकारों की माने तो हमें आने वाले छह महीनों में 52,500 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 48,000 रुपये से 48,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के साथ खरीदारी की स्थिति में तेजी लाने की सलाह देते हैं।

 चांदी में भी मि‍ल सकता अच्‍छा मुनाफा

चांदी में भी मि‍ल सकता अच्‍छा मुनाफा

दूसरी ओर, चांदी काफी अस्थिर रही है और अगस्त 2020 के दौरान तुलनात्मक रूप से 78,000 रुपये की चोटियों से बढ़कर 58,000 रुपये प्रति किलो के निचले स्तर तक पहुंच गई है। डॉलर में वृद्धि, नकारात्मक वास्तविक पैदावार और चांदी की मांग सौर ऊर्जा क्षेत्र से कीमतें स्थिर रह सकती हैं। हम अगले छह महीनों में स‍िलवर 70,000 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 60,000 रुपये प्रति किलोग्राम के साथ खरीदारी की स्थिति में तेजी लाने की सलाह देते हैं।

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