नयी दिल्ली। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के शेयर सोमवार को कमाल कर दिया। कंपनी का शेयर एक ही दिन में 27 फीसदी से अधिक मजबूत हुआ। कोरोना की दवा लॉन्च करने का ग्लेनमार्क के शेयर पर काफी सकारात्मक असर पड़ा। निवेशकों ने जम कर इसके शेयरों की खरादारी। बता दें कि कंपनी ने हल्के से मध्यम कोरोनावायरस के रोगियों के इलाज के लिए FabiFlu ब्रांड के तहत एंटीवायरल दवा फेविपिराविर लॉन्च की है, जिसे बनाने और बेचने के लिए इसे ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की मंजूरी भी मिल गई है। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने इस दवा को कोरोना के इलाज के लिए खाए जाने वाली पहली दवा भी बताया है।
कैसा रहा शेयर का हाल
बता दें कि ग्लेनमार्क का शेयर 409.10 रु के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज सुबह अच्छी खासी बढ़ोतरी के साथ 450 रु पर खुला और कारोबार के दौरान 40 फीसदी की तगड़ी उछाल के साथ 572.70 रुपये के स्तर तक चढ़ा, जो इसके पिछले 52 हफ्तों का सबसे ऊंचा भाव है। 40 फीसदी की उछाल ग्लेनमार्क के शेयर में इतिहास की सबसे बड़ी एक दिवसीय उछाल है। कारोबार अंत में कंपनी का शेयर 110.70 रुपये या 27.06 फीसदी की तेजी के साथ 519.80 रुपये के भाव पर बंद हुआ। इस स्तर पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 14,667.10 करोड़ रुपये है।
कितनी ही दवा की कीमत
ग्लेनमार्क की कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा की कीमत 103 रुपये प्रति टैबलेट है। ये दवा 200 एमजी की टैबलेट के रूप में मिलेगी। 34 गोलियों की एक स्ट्रिप की कीमत 3,500 रुपये की है। यह दवा डायबिटीज और हार्ट पेशेंट को भी दी जा सकती है। ग्लेनमार्क का दावा है कि इस दवा से 4 दिन में ही कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों में सुधार दिखने लगता है। साथ ही काफी तेजी से लक्षणों और रेडियोलॉजिकल में सुधार होना शुरू हो जाता है। पहले दिन इस दवा की 1800 एमजी की खुराक 2 बार लेनी होगी। फिर 14 दिन तक रोज 800 एमजी दवा हर दिन 2 बार लेनी होगी।
सरकार के साथ मिल कर होगा काम
ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ग्लेन सल्दान्हा ने कहा है कि यह दवा ऐसे समय में आई है, जब भारत में पहले के मुकाबले अधिक तेजी से कोरोनावायरस मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही। उन्होंने कहा कि हमारा हेल्थकेयर सिस्टम इससे काफी दबाव में है। फैबिफ्लू से इस दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। दवा के जरिए कोरोना मरीजों के इलाज के लिए कंपनी सरकार के साथ मिलकर काम करेगी जिससे कि देश भर में कोरोना मरीजों को आसानी से दवा मिले। हालांकि ध्यान रहे कि इस दवा को डॉक्टर की सलाह पर ही खाएं।
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