नयी दिल्ली। अगर आप भी टेलीकॉम कंपनियों के बढ़ाये गये चार्जेस के साथ-साथ दूसरे नेटवर्कों पर मुफ्त कॉलिंग पर लिमिट लगाये जाने से परेशान हैं तो आपके लिए एक खुशखबरी है। क्योंकि भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने दूसरे नेटवर्कों पर लगायी गयी फ्री कॉलिंग की सीमा को खत्म कर दिया है, जिसके चलते आप इन दोनों नेटवर्कों से दूसरे नेटवर्कों पर असीमित कॉलिंग का मजा ले पायेंगे। एयरटेल ने ट्विटर के जरिये घोषणा की है कि कुछ दिनों पहले शुरू की गई नई टैरिफ योजनाओं के साथ अन्य नेटवर्क पर वॉयस कॉलिंग सीमा को हटाया जा रहा है। एयरटेल के बाद वोडाफोन ने भी ऐसी घोषणा करते हुए अनलिमिडेट कॉलिंग पर लगायी गयी सीमा को खत्म कर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एयरटेल और वोडाफोन के अलावा जियो ने भी अपने प्लान महंगे कर दिये हैं। एयरटेल और वोडाफोन ने अपने प्लान में 42 फीसदी और जियो ने 40 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
क्या थी अन्य नेटवर्कों के लिए सीमा
आपको बता दें कि 28 दिन वाले प्लान में टेलीकॉम कंपनियाँ दूसरे नेटवर्कों के लिए 1000 मिनट फ्री दे रही थी। उसके ऊपर आपको दूसरे नेटवर्कों पर कॉलिंग के लिए 6 पैसे प्रति मिनट का शुल्क चुकाना पड़ता। जैसे अगर आप एयरटेल का नंबर इस्तेमाल कर रहे हैं तो 28 दिन के लिए एयरटेल से एयरटेल पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा थी, मगर एयरटेल से किसी भी दूसरे पर केवल 1000 मिनट तक ही मुफ्त कॉल करने की फैसिलिटी थी। उसके ऊपर हर मिनट दूसरे नेटवर्कों के लिए आपके मेन बैलेंस से 6 पैसे प्रति मिनट काटे जाते।
नये प्लान के रेट
वोडाफोन और एयरटेल के नये रेट की बात करें तो वोडाफोन ने अपने 1 साल के दोनों प्लान महंगे किये हैं। कंपनी ने 365 दिन के प्लान का रेट 999 रुपये से बढ़ा कर 1499 रुपये कर दिया। वहीं इसने अपने दूसरे एक साल वाले 1699 रुपये के प्लान का दाम बढ़ा कर 2,399 रुपये कर दिया है। साथ ही एयरटेल ने 998 रुपये वाला रिचार्ज प्लान बंद ही कर दिया। कंपनी ने एक नया 1,498 रुपये का प्लान पेश किया है, जबकि इसका एक साल वाला 1699 रुपये वाला प्लान अब 2,398 रुपये का हो गया है।
टेलीकॉम सेक्टर की है खस्ता हालत
टेलीकॉम सेक्टर की वित्तीय हालत इस समय खस्ता है। इसी वजह से कंपनियों ने अपने प्रीपैड प्लान महंगे कर दिये। टेलीकॉम कंपनियों की खस्ता हालत का सबसे बड़ा कारण बकाया एजीआर का भुगतान करना। अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार कंपनियों को 92,642 करोड़ रुपये के बकाया एजीआर का भुगतान करने का आदेश दिया था। इससे वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल दोनों को एजीआर का भुगतान करने के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रोविजन बनाना पड़ा और परिणामस्वरूप जुलाई-सितंबर तिमाही में इन कंपनियों को जबरदस्त घाटा हुआ।
यह भी पढ़े - म्यूचुअल फंड : पहली बार पैसा लगाने वाले इन 5 बातों का रखें ध्यान, होगा फायदा


Click it and Unblock the Notifications