नई दिल्ली। सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का आधिकारिक आंकड़ा जारी हो गया है। दिसंबर 2019 तिमाही यानी चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 4.7 फीसदी रहा है। इससे पहले दूसरी तिमाही (सितंबर 2019) में जीडीपी की ग्रोथ 4.5 फीसदी थी। जीडीपी का यह पिछले 6 साल का सबसे निचला स्तर था। जानकारों उम्मीद कर रहे थे कि तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि कोरोना वायरस के कारण चौथी तिमाही यानी मार्च 2020 में इसमें फिर गिरावट दर्ज होने का खतरा है।

4.7 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का आंकड़ा बेहतर है, क्योंकि ये आंकड़े जिस तिमाही के बेस पर हैं, उसका प्रदर्शन भी अच्छा नहीं रहा है। वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 6.6 फीसदी थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में यह 7 फीसदी थी।
इससे पहले आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया था। इसके साथ ही आरबीआई ने अपने वार्षिक इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान भी घटाकर 5 फीसदी कर दिया है, जो पिछले 11 साल का सबसे निचला स्तर होगा।
अक्टूबर में जीडीपी 6.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए जीडीपी की ग्रोथ रेट 6 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
वहीं आज ही जारी एक अलग डाटा के मुताबिक, इंडिया के इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट की ग्रोथ जनवरी में 2.2 फीसदी रही है। डाटा के मुताबिक, अप्रैल-जनवरी के मुताबिक आउटपुट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 0.6 फीसदी बढ़ा है। इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट में कोल, क्रूड ऑयल और इलेक्ट्रिसिटी जैसे सेक्टर शामिल हैं। देश के इंडस्ट्रियल आउटपुट में इनकी हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी होती है।
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