देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज एनएससी पूर्व एमडी एंड सीईओ चित्रा रामकृष्ण के कारण फिलहाल चर्चा में है। इसी एनएसई की पूर्व एमडी एंड सीईओ चित्रा रामकृष्ण के बारे में बाजार नियामक सेबी ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है।
नई दिल्ली, फरवरी 21। देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज एनएससी पूर्व एमडी एंड सीईओ चित्रा रामकृष्ण के कारण फिलहाल चर्चा में है। इसी एनएसई की पूर्व एमडी एंड सीईओ चित्रा रामकृष्ण के बारे में बाजार नियामक सेबी ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। खुलासा यह है कि चित्रा हिमालय के एक अनाम बाबा (योगी) के सलाह पर फैसला लेती थी। इन्हीं बाबा के सलाह पर उन्होंने आनंद सुब्रमण्यम को एक्सचेंज में समूह परिचालन अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक का सलाहकार नियुक्ति किया था। चित्रा रामकृष्ण पर 'अज्ञात योगी' के इशारे पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का संचालन करने का आरोप है।

इतना ही नहीं आरोप तो ये भी है कि एक योगी के इशारे पर कई सालों तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बड़े फैसले लिए गए, लेकिन इस योगी के बारे में किसी को पता नहीं है। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि इस कथित योगी का न तो हिमालय से कोई संबंध है और न ही यह कोई बाबा है। ऐसी संभावना है कि ये वित्त मंत्रालय का कोई ब्यूरोक्रेट था, जिसका चित्रा रामकृष्ण का करियर चमकाने में बड़ा हाथ है।
एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण पर आध्यात्मिक गुरु के साथ गोपनीय जानकारी साझा करने का आरोप है। सेबी ने 11 फरवरी को रामकृष्ण पर जुर्माना लगाया था। मार्केट रेगुलेटर ने एक्सचेंज की गोपनीय जानकारी को किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा करने के लिए चित्रा पर 3 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। LIC IPO : पैसा लगाने से पहले इसे पढ़े, फिर नहीं होगा घाटा
सेबी ने भी योगी के ईमेल पर हुई बातचीत से पता लगाया है कि इस व्यक्ति को एनएसई पर कामकाज के तरीके और अधिकारियों की हर बात की जानकारी थी। एनएसई के पूर्व ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर आनंद सुब्रमण्यम के योगी बाबा होने की संभावना काफी कम है, क्योंकि चित्रा और बाबा के बीच जिस तरह से मेल पर बातचीत होती थी, उसे देखकर ऐसा लगता है कि ये बाबा कोई प्रभावशाली व्यक्ति है। मेल में चित्रा और बाबा की सुब्रमण्यम को लेकर बात हुई है।


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