नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज पर अपनी तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बीते मंगलवार को पीएम नरेन्द्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि पैकेज पर विस्तार से जानकारी वित्त मंत्री देंगी। इसीलिए पिछले दो दिनों में केंद्रीय वित्त मंत्री दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुकी हैं। आज उनकी ये तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस रही। आज 11 विशेष कदमों पर ऐलान हुआ, जिनमें कृषि पर अधिक फोकस रहा। इनमें से 8 का फोकस भंडारण और रसद और बाकी 3 शासन और प्रशासनिक सुधार पर आधारित हैं।

वित्त मंत्री ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान दूध की मांग में 20-25 फीसदी की गिरावट आई। इसके चलते कॉओपरेटिव ने 360 लाख लीटर प्रति दिन (एलएलपीडी) की सेल के मुकाबले 560 एलएलपीडी की खरीद की। कुल 111 करोड़ लीटर की खरीदारी के लिए 4100 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
वन फसल वन नेशन
सरकार ने राहत पैकेज में किसानों के लिए एक शानदार योजना शुरू की है। किसानों के लिए 'वन फसल-वन नेशन' योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत देश के किसी भी राज्य का किसान किसी भी अन्य राज्य के व्यापारी को अपनी फसल बेच सकेगा। उदाहरण के लिए अगर किसी यूपी के किसान को यूपी के किसी व्यापारी के बजाय हरियाणा के किसी व्यापारी से बेहतर दाम मिलेगा तो वे अपनी फसल उसी व्यापारी को बेच सकेगा। सरकार इसके लिए नियमों में बदलाव करेगी। इसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।
वित्त मंत्री की जरूरी बातें :
- कृषि, सिंचाई, मछली पालन, डेयरी और पशुपालन पर फोकस
- भारत सबसे दाल, दूध और जूट उत्पादक
- छोटे और मंझोले किसानों के पास 85 फीसदी खेती
- सूखे, बाढ़ के बावजूद किसानों का काम बेहतर
- कृषि क्षेत्र के लिए 11 कदम उठाएंगे
- लॉकडाउन के दौरान रबी की फसल की कटाई के उपाय किए गए
- कुछ राज्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है
- फसल बीमा योजना से किसानों को लाभ दिया
- पिछले 2 महीनों में किसानों को सहारा देने के लिए कई कदम उठाए
- 2 महीनों में 6400 करोड़ रुपये का फसल बीमा भुगतान
- लॉकजाउन में 74300 करोड़ रु के कृषि उत्पाद खरीदे
अनुमान लगया जा रहा था कि आज वित्त मंत्री फिशरीज सेक्टर और इंफ्रा सेक्टर राहत का ऐलान कर सकती हैं। कल की प्रेंस कॉन्फ्रेंस में किसान, प्रवासी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर्स और अफोर्डेबल हाउसिंग पर कई बड़े ऐलान किए गए। जबकि पहले दिन एमएसएमई और एनबीएफसी के लिए खास घोषणाएं की गई थीं।


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