नयी दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज पर जानकारी देने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) की। इससे पहले की गई तीन पीसी में वे छोटे कारोबारी, कामगार, कृषि क्षेत्र, मजदूरों और संगठित कंपनियों पर बड़े ऐलान कर चुकी हैं। आठ क्षेत्र जिनके लिए आज ऐलान किए गए उनमें कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, हवाई क्षेत्र प्रबंधन, हवाई अड्डे, एमआरओ, बिजली वितरण कंपनियों, केंद्रशासित प्रदेश, परमाणु ऊर्जा शामिल हैं।

वित्त मंत्री ने अपनी शुरुआती वार्ता में कहा कि पीएम का सुधारों को लेकर बेहतरीन रिकॉर्ड रहा है। पीएम मोदी बड़े रिफॉर्म के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि हमें कॉम्पिटीशन के लिए तैयार रहना है। साथ ही सरकार द्वारा उठाए गए कदमों में से उन्होंने डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) और जीएसटी को अहम बताया। वित्त मंत्री ने कहा कि कई सेक्टर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सरकार का फोकस ईज ऑफ डुइंग बिजनेस पर है। उन्होंने कहा कि बैंक सुधार का फैसला देश हित में लिया गया। भारत निवेश के लिए पहली पसंद है। सरकार का ध्यान बुनियादी सुधारों पर है। पिछले 2 महीनों में निवेश बढ़ाने के लिए रणनीतिक फैसले लिए गए। मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत बेहद अहम अभियान हैं। सरकार का फोकस निवेश और रोजगार भी बढ़ाने पर हैं।
वित्त मंत्री ने विमानन सेक्टर के लिए एक खास योजना का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को विमानों के रखरखाव, रिपेयर और मरम्मत (एमआरओ) के लिए ग्लोबल हब बनाया जाएगा। एमआरओ इकोसिस्टम के लिए टैक्स व्यवस्था उचित है। एयरक्राफ्ट के पुर्जों की मरम्मत और एयरफ्रेम रखरखाव अगले तीन सालों में 800 करोड़ रुपये से बढ़ कर 2000 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा।
वित्त मंत्री : भारत की अप्रयुक्त (जिन्हें एक्सप्लोर नहीं किया गया है) खानों में तीसरी सबसे बड़ी उपलब्धता कोयले की है। मगर फिर भी हम कोयला आयात करते हैं और इमर्जिंग सेक्टर्स को नुकसान होता है क्योंकि कच्चा माल उपलब्ध नहीं होता। हमारे देश में काफी मात्रा में कोयला है। कोल बेड मिथेन की भी नीलामी होगी। कोयला सेक्टर के इंफ्रा के लिए 50,000 करोड़ रुपये आवंटन किए जाएंगे।
वित्त मंत्री : सरकार ने स्पेस एक्सप्लोरेशन में निजी क्षेत्र के लिए रेड कार्पेट बिछा दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्राइवेट कंपनियों को एक लेवल फील्ड देने के लिए सरकार ने निजी कंपनियों को इसरो की सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति दी है। इसके लिए पॉलिसी तैयार की जाएगी।
कल की पीसी में वित्त मंत्री ने कृषि इन्फ्रा के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का ऐलान किया था। इसके अलावा किसानों को बेहतर कीमत देने के लिए नए कानून बनाने, मछली पालन के लिए 20 करोड़ रुपये और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। वहीं पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत 20 हजार करोड़ रुपये और पशुधन और पशुपालन के लिए भी 28,343 करोड़ रु का ऐलान किया गया। साथ ही हर्बल कल्टीवेशन के लिए 4,000 करोड़ रुपये और मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री अपनी इस कड़ी की अपनी पांचवी प्रेस कॉन्फ्रेंस रविवार सुबह 11 बजे करेंगी।


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