नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते लागू लॉकडाउन में एक तरफ रोज होने वाले अपराधों में जहां कमी दर्ज हो रही है, वहीं ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाए बढ़ रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें। अमेरिका में यह मामला इतना गंभरी है कि गूगल और माइक्रोसॉफ्ट तक ने एडवाइजरी जारी की है। वहां पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले लोगों को सीधे ई-मेल भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

अमेरिकी करते हैं काफी दान
अमेरिका में साल 2018 मे अमेरिकी नागरिकों ने 427.71 अरब डॉलर समाजसेवा के लिए दान किये थे। ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले अमेरिकियों की इसी भावना का लाभ उठाने की फिराक में हैं। इसलिए गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक ने भी लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी है। इस सलाह में कहा गया है कि पैसे देने के पहले मदद मांगने वाली संस्था उसे देश या राज्य में पंजीकृत है या नहीं इसकी पड़ताल जरूर कर लें, फिर दान देने का फैसला करें।
गूगल ने जारी की एडवाइजरी
गूगल ने अपने यूजर्स को सावधान करते हुए 1755 वार्निंग जारी की हैं। गूगल के थ्रेट एनालिसिस ग्रुप को पता चला है कि अनेकों हैकर्स भारत से ऑपरेट कर रहे हैं। ये हैकर्स विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के नाम से ई-मेल तैयार करके उन्हें अमेरिका, कनाडा, बहरीन, सायप्रस और इंग्लैंड की वित्तीय संस्थाओं और स्वास्थ्य संस्थाओं को फंसाने के लिए ई-मेल भेजते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने भी किया लोगों को सावधान
माइक्रोसॉफ्ट ने भी लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि कोविड-19 शब्द का उपयोग करके लोगों को फिशिंग मेल भेजे जाते हैं। इस मेल में नेट्सपोर्ट मैनेजर नामक सिस्टम को डाउनलोड करने को कहा जाता है, जिसके डाउनलोड होते ही आपके कंप्यूटर चोरों के हाथ में चला जाता है। इसके बाद ऑनलाइन चोर इस दौरान आपकी सारी जारी जानकारी चुरा लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में इस प्रकार की चोरी का खतरा बहुत ज्यादा है।
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