नयी दिल्ली। अर्थव्यवस्था में चल रही मंदी के बीच आर्थिक मोर्चे पर सरकार के लिए एक और बुरी खबर आयी है। नवंबर में कोर इंडस्ट्रीज उत्पादन में लगातार चौथे महीने गिरावट दर्ज की गयी है। आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक, जिसकी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक यानी आईआईपी में शामिल वस्तुओं में 40.27 फीसदी भागीदारी है, नवंबर में -1.5 फीसदी दर्ज किया गया। इसके पीछे मुख्य कारण क्रूड ऑयल, कोयला उत्पादन और नेचुरल गैस सेक्टर में गिरावट रही। आठ कोर इंडस्ट्रीज का संयुक्त सूचकांक नवंबर 2019 में 126.3 पर रहा, जो नवंबर 2018 के सूचकांक की तुलना में 1.5 प्रतिशत घट गया। इस बात की जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में दी। सरकारी आँकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही के दौरान इन उद्योगों में संचयी वृद्धि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में स्थिर रही।

कोयला, क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस
कोयला उत्पादन नवंबर 2018 के मुकाबले नवंबर 2019 में 2.5 फीसदी घटा। वहीं अप्रैल-नवंबर की अवधि में देखें तो कोयला के संचयी इंडेक्स में 5.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी। उधर क्रूड ऑयल उत्पादन में नवंबर में 6 फीसदी की गिरावट आयी, जबकि अप्रैल-नवंबर के दौरान यह इसका इंडेक्स 2018-19 के इसी समय के दौरान के मुकाबले 5.9 फीसदी घट चुका है। इसके अलावा नेचुरल गैस उत्पादन नवंबर 2018 के मुकाबले नवंबर 2019 में 6.4 फीसदी घटा, जबकि अप्रैल से नवंबर तक यह गिरावट 3.1 फीसदी हो गयी है।
कुछ सेक्टरों में देखी गयी बढ़त
नवंबर 2018 के मुकाबले नवंबर 2019 में पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन में 3.1 की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। वहीं फर्टिलाइजर्स उत्पादन भी 1.36 फीसदी बढ़ा। मगर देश के स्टील उत्पादन में इस दौरान 3.7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। सीमेंट उत्पादन में 4.1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली, जबकि विद्युत उत्पादन भी 5.7 फीसदी घट गया।
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