नई दिल्ली। आज संसद में इकोनॉमिक सर्वे संसद में पेश किया गया। इसमें अनुमान जताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में देश की विकास दर 5 फीसदी के आसपास रहेगी। लेकिन इसमें अगले वित्तीय वर्ष के लिए अनुमान जताया गया है कि यह 6 से साढ़े फीसदी रह सकती है। हालांकि यह अनुमान पहले से कम है, लेकिन वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए इसे अच्छा माना जा सकता है।

सरकार ने इसमें वित्तीय वर्ष 2020 का जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी पर रहने का अनुमान जताया है। बता दें कि 2019-20 के इकोनॉमिक सर्वे में सरकार ने जीडीपी ग्रोथ रेट 7 फीसदी बताया गया था। वहीं इस सर्वे में सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में इंडस्ट्रियल ग्रोथ में बढ़त रहने का अनुमान जताया है।
हालांकि सरकार ने सर्वे में फिस्कल डेफिसिट भी बढ़ने की आशंका भी जताई है। इसका सबसे बड़ा कारण टैक्स की वसूली में कमी आना है। सर्वे के अनुसार फिस्कल ईयर में टैक्स कलेक्शन उम्मीद से कम रहने की आशंका जताई है। सरकार ने कहा है कि जीडीपी ग्रोथ रिकवरी का असर राजस्व वसूली पर होगा। सर्वे में कहा गया है कि नॉन-टैक्स रेवेन्यू ग्रोथ को देखकर नहीं लगता कि इससे सरकार को लंबे समय तक सपोर्ट मिलेगा। इसमें कहा गया है कि हाई नॉन-टैक्स रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल सस्टेनेबल नहीं है।
सर्वे की मुख्य बातें
-13 तिमाही के बाद आर्थिक सुस्ती का पहिया तेजी की तरफ घूमने लगा है
-पब्लिक सेक्टर के बैंकों में गवर्नेंस को इंप्रूव करने की आवश्यकता है। साथ ही विश्वास को मजबूत करने के लिए सूचनाओं के और अधिक प्रवाह की जरूरत है
-इकोनॉमिक सर्वे ने नया बिजनेस शुरू करने, प्रॉपर्टी रजिस्टर करने, करों का भुगतान करने और अनुबंधों को लागू करने को आसान करने के लिए कदम उठाने की जरूरत बताई है
-प्याज जैसी कमोडिटी की वस्तुओं की कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए सरकार के हस्तक्षेप निष्प्रभावी साबित हो रहे हैं
-सर्वे में कहा गया है कि देश में कारोबार को आसान बनाने के लिए और अधिक सुधारों की आवश्यकता है
-इंडियन रेलवे दुनिया की सबसे ज्यादा पैसेंजर को ढोने का माध्यम बनी है।
-रेलवे ने 120 करोड़ रुपये वैल्यू की माल ढुलाई की
-रेलवे ने 840 करोड़ रुपये वैल्यू के पैसेंजरों की आवाजाही की
-इस वजह से यह दुनिया की सबसे बड़ी पैसेंजर करियर बन गई है
-वित्तीय घाटा बढ़ने का अनुमान जताया गया
-वर्ष 2011-12 से लेकर 2017-18 के बीच 2.62 करोड़ नए रोजगार के मौके पैदा हुए
-देश की बैलेंस ऑफ पेमेंट की स्थिति में सुधार
-करंट अकाउंट घाटा कंट्रोल में
-एफडीआई में बढ़त
-विदेश में रहने वाले भारतीयों ने ज्यादा पैसा देश में भेजा
-चालू वित्तीय वर्ष में जीडीपी की दर 5 फीसदी रहेगी
-अगले साल के लिए जीडीपी की दर 6 से 6.5 फीसदी रह सकती है
-वैश्विक कारणों से निर्यात पर असर पड़ेगा
-डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से सरकार के बचे 1.7 लाख करोड़ रुपये
-आर्थिक विकास में कमी के चलते टैक्स कलेक्शन कम रह सकता है
-आईबीसी प्रक्रिया में तेजी लाने का सुझाव
-अगले साल कृषि और इससे जुड़े सेक्टर 2.8 फीसदी की दर से बढ़ सकते हैं
-चालू वित्तीय वर्ष में 2.9 फीसदी का अनुमान है
-इंडट्रियल ग्रोथ चालू वित्तीय वर्ष में 2.5 फीसदी रहने का अनुमान
कौन तैयार करता है सर्वे
इस सर्वे की रिपोर्ट सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के नेतृत्व में एक टीम द्वारा तैयार किया जाता है और वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद इसे जारी किया जाता है। फिलहाल मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यम हैं।
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