कोरोना ने LIC को दिया 2 लाख करोड़ रु का झटका, जानिए किसका पैसा डूबा

नयी दिल्ली। कोरोनावायरस ने कारोबार, आयात-निर्यात और शेयर बाजारों को बुरी तरह प्रभावित किया है। कोरोना की वजह से होने वाला नुकसान बढ़ता जा रहा है। शेयर बाजारों को बुरा हाल है, जिसका असर सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी पर भी पड़ रहा है। एलआईसी को कोरोनावायरस की वजह से करीब 2 लाख करोड़ रुपये का झटका लगा है। बता दें कि 2020 में अब तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 30 फीसदी की गिरावट आयी है, जिससे एलआईसी के पिछले ढाई महीनों में 1.9 लाख करोड़ रुपये डूब गये हैं और ये बड़े खतरे में आ गयी है। एलआईसी को इक्विटी शेयर बाजार के बड़े निवेशकों में गिना जाता है। एलआईसी ने कई लिस्टेड कंपनियों में पैसा लगा रखा है। एलआईसी को ये झटका ऐसे समय पर लगा है जब सरकार इसका आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि शेयर बाजार की हालत को देखते हुए पहले ही तीन कंपनियां आईपीओ की योजना टाल चुकी हैं।

कितनी घटी एलआईसी की संपत्ति

कितनी घटी एलआईसी की संपत्ति

शेयर बाजार कई सालों के निचले स्तर पर फिसल गया है, जिससे रिलायंस सहित ढेरों कंपनियों की मार्केट कैपिटल घट गयी है। एलआईसी की बात करें तो दिसंबर 2019 तक इसके लिस्टेड कंपनियों में 6.02 लाख करोड़ रुपये लगे हुए थे, जिनकी वैल्यू अब घट कर 4.14 लाख करोड़ रुपये रह गयी है। यानी एलआईसी की शेयर संपत्ति 1.88 लाख करोड़ रुपये या 31 फीसदी तक लुढ़क गयी है। इसके पीछे एक ही बड़ा कारण है और वो कोरोनावायरस। एलआईसी की संपत्ति का आकलन बीएसई 500 इंडेक्स की 209 कंपनियों पर आधारित है, जिनमें LIC की 2019 की दिसंबर तिमाही तक 1 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी थी। इन कंपनियों के पास बीएसई की कुल लिस्टेड कंपनियों की कुल बाजार पूंजी में से 65 प्रतिशत है।

किन सेक्टरों ने डुबाया एलआईसी का पैसा

किन सेक्टरों ने डुबाया एलआईसी का पैसा

एलआईसी का पैसा जिन सेक्टरों में डूबा है उनमें बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) और बीमा कंपनियां शामिल हैं। इन तीन सेक्टरों ने एलआईसी के 56,810 करोड़ रुपये डुबाये हैं। यानी कुल नुकसान में से 30 फीसदी इन तीन सेक्टरों की भेंट चढ़ा। इसके अलावा ऑयल एंड गैस (36,020 करोड़ रुपये), सिगरेट निर्माता (17,374 करोड़ रुपये), सूचना प्रौद्योगिकी (15,826 करोड़ रुपये), मेटल (12,045 करोड़ रुपये), ऑटोमोबाइल (11,329 करोड़ रुपये) और इन्फ्रास्ट्रक्चर (10,669 करोड़ रुपये) ने एलआईसी को 10000 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाई है।

कौन सा सेक्टर सबसे अधिक होगा प्रभावित

कौन सा सेक्टर सबसे अधिक होगा प्रभावित

जानकार बताते हैं कि कोरोनावायरस के कारण सर्विस सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित होगा, जबकि कृषि सेक्टर सबसे कम प्रभावित होगा। वहीं विनिर्माण सेक्टर इस हद तक प्रभावित होगा कि आपूर्ति की समस्या होने लगेगी। सर्विस सेक्टर में भी उप-विभागों की कुछ कैटेगरी हैं। जैसे कि दूरसंचार काफी हद तक अप्रभावित रह सकता है, मगर होटल, यात्रा और पर्यटन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इससे एलआईसी सहित सभी निवेशक प्रभावित होंगे। इस बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भी उभरते बाजारों में शेयरों की बिकवाली करके बाहर निकल रहे हैं।

यह भी पढ़ें - LIC : एलआईसी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कैसे करें, यहां जानें

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