आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को एक बार फिर झटका लगा है। जी हां चालू वित्त वर्ष (2019-20) की दूसरी तिमाही में भारत की विकास दर में बड़ी गिरावट आई है।
नई दिल्ली: आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को एक बार फिर झटका लगा है। जी हां चालू वित्त वर्ष (2019-20) की दूसरी तिमाही में भारत की विकास दर में बड़ी गिरावट आई है। अब जीडीपी का आंकड़ा 4.5 फीसदी पहुंच गया है। जो कि अब तक के करीब 6 साल में किसी एक तिमाही की सबसे बड़ी गिरावट है। विकास दर में गिरावट के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया। और इस तरह कांग्रेस ने मोदी सरकार को आर्थिक नाकामी के लिए घेरा। सरकार ने फास्टैग की अनिवार्यता की तारीख बढ़ाई जान लें ये भी

- शुक्रवार को 4.5 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चिंता जताते हुए कहा, जीडीपी के ये आंकड़े अस्वीकार्य हैं। हमारे देश की उम्मीद 8-9% जीडीपी ग्रोथ है। Q1 से Q2 में जीडीपी का 5% से 4.5% तक गिरना चिंताजनक है। आर्थिक नीतियों में बदलाव से ही अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में मदद नहीं मिलेगी।
- दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर के गोडसे पर विवादित बयान पर तंज कसते हुए कहा कि भारत की जीडीपी 4.5% तक गिर गई है। हम एक वर्चुअल फ्री-फॉल में हैं। ये 6 साल में सबसे कम जीडीपी तिमाही है। लेकिन बीजेपी जश्न क्यों मना रही है? क्योंकि जीडीपी (गोडसे डिविजिव पॉलिटिक्स) पर उनकी समझ डबल डिजिट ग्रोथ का सुझाव देती है।
- इस मौके पर पूर्व टेलीकॉम मिनिस्टर मिलिंद देवरा ने कहा, जीडीपी ग्रोथ में गिरावट बेहद चिंताजनक है। अगर ये गिरावट जारी रहती है, तो एक्सपोर्ट और रुपया दोनों में गिरावट होगी। कंज्यूमर डिमांड में कमी एक बड़ा संकट है, ये एक आर्थिक आपातकाल से कम नहीं। विपक्ष के रूप में, हम मदद करने के लिए तैयार हैं।
- इसी बीच कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी जीडीपी के आंकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया दी उनका कहना हैं कि जिसका डर था उससे भी बदतर नंबर आए हैं। दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि का दर मात्र 4.5% है। भारत तीव्र आर्थिक मंदी के बीच में है और संकट गहरा गया है।
- आज यानि शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जीडीपी आंकड़ों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि अच्छे दिन आएंगे। बता दें कि इससे पहले भी कई मुद्दों को लेकर वह केंद्र सरकार की आलोचना करती रही हैं। ट्वीट कर लिखा कि वादा तेरा वादा... दो करोड़ रोजगार हर साल, फसल का दोगुना दाम, अच्छे दिन आएंगे, मेक इन इंडिया होगा, अर्थव्यवस्था पांच ट्रिलियन होगी, क्या किसी वादे पर हिसाब मिलेगा? उन्होंने आगे लिखा कि आज जीडीपी ग्रोथ 4.5 फीसदी हो गई है। जो दिखाता है सारे वादे झूठे हैं और तरक्की की चाह रखने वाले भारत और उसकी अर्थव्यवस्था को भाजपा सरकार ने अपनी नाकामी के चलते बर्बाद कर दिया है।
विकास दर में बड़ी गिरावट
वित्त वर्ष (2019-20) की दूसरी तिमाही में भारत की विकास दर में बड़ी गिरावट आई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इससे पहले मार्च 2013 की तिमाही में देश की जीडीपी दर इस स्तर पर थी। बता दें कि चालू वित्त वर्ष (2019-20) की पहली तिमाही में जीडीपी की दर 5 फीसदी पर थी। इस लिहाज से सिर्फ 3 महीने के भीतर जीडीपी की दर में 0.5 फीसदी की गिरावट आई है। सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक एक साल पहले के मुकाबले कोर सेक्टर में 5.8% की कमी दर्ज की आई है। कोर सेक्टर के 8 प्रमुख उद्योग में कोयला, क्रूड, ऑयल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी आती है।


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