ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बदलाव किया गया है। जी हां हाल ही में सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट में कुछ संशोधन किए हैं।
नई दिल्ली: ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बदलाव किया गया है। जी हां हाल ही में सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट में कुछ संशोधन किए हैं। नए नियम में संशोधन के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियम में भी बदलाव किया गया है। अब आपको ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए भी फिर से ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। जी हां इन संशोधनों के मुताबिक यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर हो गया है और उसे एक्सपायर हुए एक साल से ज्यादा हो गया है तो आपको ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। 1 दिसंबर से अनिवार्य होगा फास्टैग, जानें क्या है फायदे

पहले 5 साल के लिए था नियम
हालांकि पहले ये नियम 5 साल के लिए था। पहले के नियम के तहत अगर किसी का ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर हुए 5 साल से ज्यादा का वक्त बीत गया है तो उसे रिन्यू करवाने के लिए दोबारा ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ता था, लेकिन नए मोटर वीइकल ऐक्ट के तहत इसकी समयसीमा अब 5 साल से घटाकर 1 साल कर दी गई है।
जानकारी दें कि मोटर व्हीकर एक्ट में हुआ संशोधन एक सितंबर से लागू हुआ है। इसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस को रिन्यू करवाने से संबंधित इस नियम को लेकर लोगों ने विरोध किया। लोगों का कहना है कि लाइसेंस रिन्यू कराने में आंखों का और मेडिकल टेस्ट तो समझ में आती है, लेकिन दोबारा ड्राइविंग टेस्ट का कोई औचित्य नहीं। लोगों ने अपनी नारागजी परिवहन विभाग के अधिकारियों तक भी पहुंचाई है।
नए नियमों और सड़कों से वाकिफ है या नहीं जानना अनिवार्य
नए नियम को लेकर लोगों की नाराजगी पर जब ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि लोगों को लगता है कि हम उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं, लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते, हम नियमों से बंधें हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकार को ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए कुछ महीने का समय देने की जरुरत थी, जिसके बाद ही ड्राइविंग टेस्ट की बाध्यता होनी चाहिए थी। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कोई नए नियमों और सड़कों से वाकिफ है या नहीं। इन्हीं बातों की जानकारी के लिए लोगों को दोबारा टेस्ट अनिवार्य किया गया है।


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