नयी दिल्ली। कैफे कॉफी डे (सीसीडी) से जुड़ा एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। कॉफी डे एंटरप्राइजेज (सीसीडी की मूल कंपनी) के बोर्ड ने जो जांच शुरू की थी उसमें पाया गया है कि सीसीडी के संस्थापक वी.जी. सिद्धार्थ की मृत्यु के बाद भी कंपनी के खातों से कम से कम 2,000 करोड़ रुपये (27 करोड़ डॉलर) गायब हुए हैं। जुलाई में सिद्धार्थ की आत्महत्या के बाद भारत की सबसे बड़ी कॉफी चेन के वित्तीय लेनदेन की जाँच की गयी है, जो महीनों तक चली। वीजी सिद्धार्थ ने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी आत्महत्या के बाद हुई जांच में की रिपोर्ट जल्द ही सामने आने की उम्मीद है। इसमें कंपनी की स्वामित्व वाली दर्जनों अन्य प्राइवेट कंपनियों फाइनेंशियल ट्रांसेकशन की भी जानकारी है।

बढ़ सकती है हेराफेरी की रकम
रिपोर्ट अपने अंतिम चरण में है, इसलिए सटीक डिटेल सामने आने के बाद गड़बड़ी की रकम के आंकड़े बदत सकते हैं। इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार हेराफेरी की रकम 25 अरब रुपये से अधिक हो सकती है। सिद्धार्थ की मृत्यु के बाद कंपनी के सामने नकदी की बहुत अधिक किल्लत हो गयी थी। बल्कि एक समय इसके बैंक में शून्य नकदी थी। आत्महत्या से पहले लिखे एक पत्र में सिद्धार्थ ने कहा था कि मैं सभी गलतियों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हूं। हर वित्तीय लेनदेन मेरी जिम्मेदारी है।
बेच रही है संपत्ति
एक तरफ इस मामले की जांच की रिपोर्ट सामने आने वाली है तो वहीं दूसरी तरफ कॉफी डे रियल एस्टेट संपत्ति के लिए ब्लैकस्टोन ग्रुप के साथ एक सौदे को अंतिम रूप दे रहा है। कॉफी डे ने कहा कि यह अपने गैर-प्रमुख उद्यमों बेच कर अपना लोन कम करने की तैयारी कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अपने कर्मचारियों के रोजगार को बचाना और प्रतिष्ठित भारतीय ब्रांड को फिर से मजबूत करना है।
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