NSE vs Jio IPO:: भारतीय शेयर बाजार को जल्द ही दो बड़े IPO मिलने वाले हैं। एक तरफ देश की सबसे बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी Jio का IPO है, वहीं दूसरी तरफ भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का बहुप्रतीक्षित IPO। दोनों कंपनियों ने SEBI के पास DRHP दाखिल कर दिया है, जिसके बाद निवेशकों की नजर अब इनके प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट और संभावित रिटर्न पर है।
Jio IPO: ग्रोथ स्टोरी पर बड़ा दांव

Jio का IPO पूरी तरह Fresh Issue होगा। यानी IPO से जुटाया गया पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा और उसका उपयोग बिजनेस विस्तार में किया जाएगा।
- संभावित इश्यू साइज: ₹37,700 करोड़
- लगभग 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे
- संभावित वैल्यूएशन: ₹11 लाख करोड़ से ₹15 लाख करोड़
- संभावित प्राइस बैंड: ₹1,048-₹1,350 प्रति शेयर
- रिटेल निवेशकों के लिए लगभग 35% आरक्षण
कंपनी FY26 में करीब ₹1.47 लाख करोड़ का रेवेन्यू और ₹30,049 करोड़ का मुनाफा दर्ज कर चुकी है। EBITDA मार्जिन लगभग 52% है। IPO से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने, AI, 6G, क्लाउड और ब्रॉडबैंड विस्तार में निवेश के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
Jio की ताकत:
- 50 करोड़ से अधिक ग्राहक आधार
- भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी
- AI, 6G और डिजिटल सेवाओं में बड़ा अवसर
- Fresh Issue होने से बैलेंस शीट मजबूत होगी
- Jio के जोखिम
- ऊंची वैल्यूएशन
- टेलीकॉम सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा
- भविष्य की ग्रोथ अपेक्षाओं पर निर्भरता
- NSE IPO: मजबूत और हाई-मार्जिन बिजनेस
National Stock Exchange (NSE) IPO
NSE का IPO पूरी तरह Offer For Sale (OFS) होगा। इसका मतलब IPO से मिलने वाला पैसा कंपनी को नहीं बल्कि मौजूदा शेयरधारकों को जाएगा।
- संभावित इश्यू साइज: ₹30,000 करोड़
- लगभग 14.9 करोड़ शेयरों की बिक्री
- संभावित वैल्यूएशन: ₹5 लाख करोड़ से ₹5.3 लाख करोड़
- संभावित शेयर मूल्य: करीब ₹2,000
- रिटेल निवेशकों के लिए लगभग 10% आरक्षण

FY26 में NSE का रेवेन्यू लगभग ₹16,601 करोड़ और मुनाफा ₹10,302 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन करीब 67% है, जो इसे भारत के सबसे लाभदायक बिजनेस मॉडलों में शामिल करता है।
NSE की ताकत:
- भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज
- F&O ट्रेडिंग में वैश्विक नेतृत्व
- मजबूत कैश फ्लो और हाई मार्जिन
- Nifty Index के कारण स्थिर आय मॉडल
- NSE के जोखिम
- F&O नियमों में संभावित सख्ती
- BSE से बढ़ती प्रतिस्पर्धा
- ग्रे मार्केट में पहले से ऊंची वैल्यूएशन
NSE vs Jio IPO: निवेशकों के लिए क्या बेहतर?
यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि की ग्रोथ है और आप AI, 6G तथा Digital India थीम पर भरोसा करते हैं, तो Jio IPO अधिक आकर्षक विकल्प हो सकता है। Fresh Issue होने की वजह से कंपनी को सीधे पूंजी मिलेगी, जिससे भविष्य की ग्रोथ को समर्थन मिलेगा।
वहीं यदि आप एक स्थापित, कैश-रिच और हाई-मार्जिन बिजनेस में निवेश करना चाहते हैं, तो NSE IPO बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि यह OFS इश्यू है, इसलिए कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी।
Jio और NSE दोनों IPO भारतीय पूंजी बाजार के लिए ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। Jio जहां भविष्य की ग्रोथ स्टोरी का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं NSE एक परिपक्व और मजबूत बिजनेस मॉडल पेश करता है। अंतिम निवेश निर्णय लेने से पहले निवेशकों को SEBI की मंजूरी, अंतिम प्राइस बैंड, DRHP के वित्तीय आंकड़े और बाजार की परिस्थितियों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना चाहिए।
सवाल यह है कि आपकी पसंद क्या होगी - Jio की ग्रोथ स्टोरी या NSE का मजबूत बिजनेस मॉडल?
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