नयी दिल्ली। सरकार 31 जनवरी से संसद का बजट सत्र बुलाने पर विचार कर रही है और केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जा सकता है। संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति या सीसीपीए द्वारा सत्र की तारीखों की सिफारिश करने के बाद सरकार द्वारा अंतिम तिथि अधिसूचित की जायेगी। सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली सीसीपीए की एक बैठक जल्द ही होने की संभावना है और इसके बाद सुझाव रखे जायेंगे। सूत्रों ने कहा है कि बजट सत्र संसद के संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ शुरू होगा और फिर उसी दिन आर्थिक सर्वेक्षण पेश किए जाने की संभावना है। बता दें कि सत्र के अप्रैल तक चलने की संभावना है। बजट सत्र में आम तौर पर लगभग एक महीने का ब्रेक होता है, जिसके दौरान विभाग से संबंधित स्थायी समितियां अनुदान की मांग पर चर्चा करती हैं।

टैक्स पर मिल सकती है राहत
आगामी बजट में इनकम टैक्स में राहत पर नजर रहेगी। पिछले महीने केंद्र सरकार के इनकम टैक्स में कई बदलावों पर विचार करने की अटकलें सामने आयी थीं। सरकार इनकम टैक्स में राहत देकर खपत बढ़ाने और आर्थिक सुस्ती को दूर करना चाहती है। बीते शुक्रवार को भारतीय मूल के अमेरिकी नोबेल प्राइज विजेता अभिजीत बनर्जी ने कहा है कि कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती के बजाय सरकार को मांग बढ़ाने के लिए गरीबों के हाथ में और पैसा देना चाहिए। आर्थिक सुस्ती के बीच बजट से पहले इन प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, जिसके जरिये सरकार खपत बढ़ाने और ग्रोथ में तेजी लाना चाहती है।
3 करोड़ टैक्सदेने वालों को होगा लाभ
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आयकर में कटौती के कई विकल्पों पर विचार हो रहा है। इनमें एक विकल्प पीएम किसान जैसी योजनाओं के जरिये लोगों के हाथ में सीधे पैसे देना और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए खर्च बढ़ाना है। टैक्स स्ट्रक्चर में ऐसे किसी बदलाव से इनकम टैक्स चुकाने वाले 3 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। सरकार ने पिछले साल कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती करके 1.45 लाख करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन छोड़ दिया था। हालाँकि इस कदम को निवेश बढ़ाने के लिए उठाया गया कदम माना गया था। मगर मांग में कमी के चलते कंपनियां नया निवेश करने से कतरा रही हैं।
यह भी पढ़ें - मध्य पूर्व में तनाव : दिखने लगा तेल की कीमतों पर असर, तेज बढ़ोतरी


Click it and Unblock the Notifications