वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट 1 फरवरी 2020 को पेश होगा। जबकि आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। बजट को पेश करने के लिए सभी तैयारियां शुरू हो चुकी है।
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट 1 फरवरी 2020 को पेश होगा। जबकि आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। बजट को पेश करने के लिए सभी तैयारियां शुरू हो चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार के बजट में कई रियायतों की घोषणा कर सकती हैं। आम बजट में संभावना है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में और पूंजी डालने की घोषणा नहीं करेगी। जानकारी के मुताबिक सरकार बैंकों को डूबे कर्ज की वसूली तेज करने और बाजार से फंड जुटाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। 8 जनवरी को बैंक हड़ताल, जल्द निपटा लें अपना काम ये भी पढ़ें

मार्केट से भी फंड जुटाने की गुंजाइश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार के बजट में कई रियायतों की घोषणा कर सकती हैं। इसके साथ ही सरकारी बैंकों के अलग से कोई फंड नहीं दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, इस कैलेंडर साल में बैंकों के पास एनसीएलटी और नॉन-एनसीएलटी दोनों तरह से डूबे लोन की वसूली कर सकते हैं। इसके अलावा बैंकों के पास मार्केट से भी फंड जुटाने की गुंजाइश रहेगी।
14 अक्टूबर से बजट की तैयारियां हुई थी शुरू
दरअसल, मौजूदा समय में सरकारी बैंकों का प्रावधान कवरेज अनुपात 7 साल के हाईएस्ट लेवल 76.6 फीसदी पर है। साथ ही एनपीए के मामले में भी बैंकों ने 100 फीसदी तक का प्रावधान किया है। कुछ बैंकों का शेयर प्राइस मजबूत हो रहा है। उनके पास सरकारी हिस्सेदारी बेचने का भी ऑप्शन है। बता दें कि वित्त मंत्रालय ने 14 अक्टूबर से 2020-21 के बजट की तैयारियां शुरू कर दी थी। फिलहाल अभी इसका अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
आर्थिक विकास दर 6 साल के निचले स्तर पर
मालूम हो कि 6 साल के निचले 4.5 फीसदी के स्तर पर पहुंची आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए ढांचागत सुधारों की दूसरी लहर की उम्मीद में एक फरवरी को पेश होने वाले बजट, 2020-21 का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति में 2019-20 के लिए अपने विकास अनुमान को 6.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया था। इसलिए आर्थिक सुस्ती को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दूसरे बजट को खासा अहम माना जा रहा है।


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