BRICS Bank : ब्रिक्स देशों के ग्रुप का न्यू डेवलपमेंट बैंक 5 सालों में 2.5 बिलियन डॉलर के भारतीय रुपया बांड प्रोग्राम को रजिस्टर कर रहा है, यह बात बुधवार को इसके मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) लेस्ली मासडॉर्प ने एक पैनल चर्चा के दौरान कही।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंगलवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स लीडर्स रिट्रीट में भाग लिया और 5 सदस्यीय ब्लॉक के अन्य नेताओं के साथ ग्लोबल डेवलपमेंट पर विचार विमर्श किया।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस की 4 दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को यहां पहुंचे। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका में उनके देश के राष्ट्रपति माटामेला सिरिल रामफोसा के निमंत्रण पर 22 अगस्त से 24 अगस्त तक जोहान्सबर्ग में 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे है।
कोरोना महामारी के वजह से निरंतर 3 वर्ष की आभासी बैठकों के बाद यह पहला व्यक्तिगत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित विकास बैंक अक्टूबर के महीने तक अपना पहला भारतीय रुपया बॉन्ड जारी कर सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में मुख्य परिचालन अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि ऋणदाता पर स्थानीय मुद्राओं में इजाफा और ज्यादा ऋण देने का दबाव है।
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उन्होंने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले एक संवाददाता सम्मेलन में व्लादिमीर काजबेकोव की तरफ से बताया गया है कि न्यू डेवलपमेंट बैंक ने पिछले हफ्ते दक्षिण अफ्रीका में अपना पहला रैंड बांड जारी किया था।
बता दें कि न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना ब्रिक्स देशों ने की थी। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल है। इसका मुख्यालय की बात करें तो फिर इसका मुख्यालय शंघाई में है। औपचारिक रूप से बैंक जुलाई, 2015 में खोला गया था।
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