RBI : बड़ा ऐलान, रिवर्स रेपो रेट घटाया

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि कोरोना इफेक्ट का असर खत्म होने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था ज्यादा तेजी से विकास करेगी। उन्होंने आशा जताई कि वित्त वर्ष 2022 में भारत की जीडीपी 7.4 प्रतिशत की तेजी से आगे बढ़ सकती है। इसी के साथ आरबीआई ने आज रिवर्स रेपो रेट 0.25 फीसद घटाकर 3.75 फीसदी करने का भी ऐलान किया। हालांकि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

RBI Governor Shaktikanta Das

आरबीआई गवर्नर ने जो खास बातें कहीं

-बैंकों को राहत देते हुए एनपीए की घोषणा के लिए 90 दिनों का नियम बदला

-वैश्विक मंदी के अनुमान के बीच भारत की विकास दर अब भी पॉजिटिव रहने का अनुमान है और यह 1.9 प्रतिशत रहेगी
-आईएमडी ने 2020 में अच्छे मॉनसून का अनुमान लगाया है। इससे अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है। अब भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है
-दुनिया को 9 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान होने की आशंका है, जो कि कई विकसित देशों की अर्थव्यवस्था के बराबर है
-हम पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर नजर रख रहे हैं। भारत के हालात दूसरों से बेहतर हैं
-मार्च में ऑटोमोबाइल प्रोडक्शन और सेल गिरी है और साथ ही बिजली की मांग में भी कमी आई है
देश में विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार है
-साल 2020 में वैश्विक कारोबार में 13 फीसदी से लेकर 32 फीसदी गिरावट का अनुमान है, भारत की जीडीपी 7 फीसदी से अधिक रहने के आसार है ,देश में अनाज की कोई कमी नहीं है

-छोटे और मंझोले उद्योगों को धनराशि देने का फैसला किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रहा है

-लिक्विडिटी कवरेज रेशियो 100 फीसदी से घटकर 80 फीसदी हो गया है
-आर्थिक चुनौती के बीच बैंकों को और डिविडेंट पेआउट न करने को कहा गया है

-आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट 0.25 फीसद घटाकर 3.75 फीसद किया।

-लॉकडाउन के दौरान इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग के लिए कोई डाउनटाइम नहीं
-कोरोना वायरस के चलते जीडीपी की रफ्तार घटेगी, लेकिन फिर से रफ्तार पकड़ेगी
-बैंक के पास पैसों की कोई कमी नहीं, देश में अनाज की कोई कमी नहीं है
-कोरोना का संकट खत्म होने के बाद देश की जीडीपी 7 फीसदी की दर से आगे बढ़ेगी
-देश के एटीएम अपनी 91% क्षमता के साथ काम कर रहे
-वित्तीय नुकसान कम करने की कोशिशें जारी हैं
-बैंक लगातार ATM में पैसे डाल रहे हैं
-आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट 0.25 फीसद घटाकर 3.75 फीसद किया।
-आरबीआई ने कहा एलटीआरओ की रकम से बैंक विभिन्‍न एनबीएफसी की करें।
-नाबार्ड, सिडबी और नेशनल हाउसिंग बैंक के लिए आरबीआई ने राहत की घोषणा की।
-नाबार्ड, सिडबी और नेशनल हाउसिंग बैंक को 50000 करोड़ की मदद।
-नाबार्ड को स्‍पेशल रिफाइनेंस के तहत 25,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।

रिवर्स रेपो रेट क्या है

देश में कामकाज कर रहे बैंकों के पास जब दिन-भर के कामकाज के बाद रकम बची रह जाती है, तो उस रकम को भारतीय रिजर्व बैंक में रख देते हैं। इस रकम पर आरबीआई उन्हें ब्याज देता है। भारतीय रिजर्व बैंक इस रकम पर जिस दर से बैंकों को ब्याज देता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं।

रिवर्स रेपो रेट में बदलाव का असर

रिवर्स रेपो घटने से बैंक अगर अपना पैसा आरबीआई के पास रखना चाहेंगे तो उन्हें कम ब्याज मिलेगा। ऐसे में बैंकों को लोन बांट कर ज्यादा ब्याज कमाना होगा।

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