नयी दिल्ली। भारत के लिए अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक बुरी खबर आयी है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान घटा दिया है। मूडीज के अनुसार 2020 में भारत की विकास दर 5.3 फीसदी रह सकती है। इससे पहले फरवरी में मूडीज ने 2020 के लिए भारत की अनुमानित विकास दर 6.6 फीसदी से घटा कर 5.4 फीसदी कर दी थी, जिसे अब 5.3 फीसदी कर दिया है। मूडीज के ताजा फैसले के पीछे मुख्य कारण कोरोनावायरस के चलते यात्रा प्रतिबंध और रोकथाम के उपाय हैं। कोरोनावायरस से हवाई यात्रियों की संख्या घट रही है, कारोबार प्रभावित हो रहे हैं और डिजिटल लेन-देन भी घट रही हैं। पिछले महीने भी भारत की अनुमानित विकास दर कम करते हुए मूडीज ने कोरोनावायरस का ही हवाला दिया था।

2021 के लिए भी जारी किया अनुमान
रेटिंग एजेंसी ने 2021 के लिए भारत की विकास दर 5.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। बता दें कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर में भारत की विकास दर 4.5 फीसदी के 6 सालों के निचले स्तर पर पहुंच गयी थी। इसके बाद अक्टूबर-दिसंबर में इसमें थोड़ा सुधार हुआ। तब ये 4.7 फीसदी रही थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के 5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो 11 वर्षों में सबसे कम है। एनएसओ ने अगले वित्त वर्ष में विकास दर में सुधार का अनुमान लगाया है। एनएसओ के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 में देश की विकास दर 6-6.5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
कोरोना के लंबे समय तक रहने से अधिक नुकसान
मूडीज ने कहा है कि कोरोना के कारण जितने लंबे समय तक ये अड़चन रहेगी वैश्विक मंदी का खतरा उतना अधिक हो जाएगा। मूडीज के अनुसार कोरोनोवायरस के अधिक तेजी और व्यापक स्तर पर फैलने से बहुत अधिक आर्थिक गिरावट आएगी। मूडीज के अनुसार कोरोना से प्रभावित देशों में घरेलू खपत की मांग में गिरावट से आपूर्ति चेन और माल-सेवाओं का क्रॉस बॉर्डर व्यापार बाधित होगा।
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