विप्रो के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी एशिया के सबसे बड़े दानवीर हैं। फोर्ब्स मैग्जीन ने विप्रो के फाउंडर-चेयरमैन अजीम प्रेमजी (74) को एशिया का सबसे उदार समाजसेवी घोषित किया है।
नई दिल्ली: विप्रो के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी एशिया के सबसे बड़े दानवीर हैं। फोर्ब्स मैग्जीन ने विप्रो के फाउंडर-चेयरमैन अजीम प्रेमजी (74) को एशिया का सबसे उदार समाजसेवी घोषित किया है। प्रेमजी ने इस साल 760 करोड़ डॉलर (52,750 करोड़ रुपए) की वैल्यू के विप्रो के शेयर दान किए। वे अब तक 2,100 करोड़ डॉलर (1.45 लाख करोड़) की वैल्यू के शेयर समाज सेवा के कामों के लिए दे चुके हैं। फोर्ब्स ने बुधवार को एशिया-पैसिफिक के 30 सबसे बड़े परोपकारियों की लिस्ट जारी की। मोबाइल पेट्रोल पंप : अब घर बैठे मंगाएं फ्यूल ये भी पढ़ें

अतुल निसार और किरण मजूमदार शॉ भी शामिल
इसमें प्रेमजी के अलावा भारत के अतुल निसार और किरण मजूमदार शॉ भी शामिल हैं। हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी के फाउंडर और चेयरमैन निसार ने इस साल 15 लाख डॉलर (10.5 करोड़ रुपए) की रकम दान की। उन्होंने ये राशि मुंबई के पास स्थित गर्ल्स स्कूल अवसर एकेडमी को दी। ये एकेडमी सुविधाओं से वंचित बच्चियों को निशुल्क शिक्षा देती है। बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ और पति जॉन शॉ ने यूके की ग्लासगो यूनिवर्सिटी के लिए जुलाई में 75 लाख डॉलर (52.5 करोड़ रुपए) दिए थे।
प्रेमजी 30 जुलाई को विप्रो के चेयरमैन पद से हुए रिटायर
फोर्ब्स ने ऐसे अरबपतियों, उद्योगपतियों और सेलेब्रिटीज को लिस्ट में शामिल किया जो एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं के समाधान की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। प्रेमजी 30 जुलाई को विप्रो के चेयरमैन पद से रिटायर हो गए। उनका अजीम प्रेमजी फाउंडेशन शिक्षा से जुड़ा हुआ है। 19 साल पुरानी ये संस्था देशभर के 2 लाख स्कूलों के साथ मिलकर शिक्षा की बेहतरी के काम करती है। बता दें कि अजीम प्रेम जी केवल एक उद्योगपति नहीं बल्कि लोगों के लिए एक मिसाल है, वो अपने आप में एक संपूर्ण युग हैं। अजीम हाशिम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को मुंबई के एक गुजराती मुस्लिम परिवार में में हुआ था। अमीरों की सूची में दूसरे नंबर से फिसलकर 17वें नंबर पर पहुंच गए हैं। इंडोनेशिया के थीओडोर राचमेट दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने 2018 से अब तक करीब 5 मिलियन डॉलर दान किया है।


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