विएना। कच्चे तेल के सबसे बड़े उत्पादक देश कीमतों में तेजी लाने के लिए उत्पादन में कटौती करने पर सहमती बन गई है। कुवैत के तेल मंत्री खालिद अल-फदेल ने रविवार को देर रात ट्विटर पर कहा कि हम उत्पादन में कटौती करने पर सहमति बनने की घोषणा करते हैं। ओपेक तथा अन्य उत्पादक देश 1 मई से रोजाना उत्पादन में एक करोड़ बैरल की कटौती करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोलियम निर्यातक देशों के समूह ओपेक और दूसरे तेल उत्पादक देश प्रतिदिन 9.7 मिलियन बैरल उत्पादन कम करने पर सहमत हो गए हैं। इसका मकसद कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ाना है। 1 मई के बाद जैसे ही यह डील प्रभाव में आएगी, कच्चे तेल के रेट बढ़ने शुरू हो जाएंगे। इसका असर पेट्रोल और डीजल के रेट पर पड़ेगा। काफी समय से स्थिर चल रहे इसके भाव फिर बढ़ने लगेंगे।

रूस और साऊदी अरब के बीच था विवाद
रूस और साऊदी अरब के विवाद तथा कोरोना वायरस महामारी के कारण गिरी मांग से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें 30 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ गई थीं। इस फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि ओपेक प्लस के साथ अहम तेल समझौता हुआ है। इससे अमेरिका में ऊर्जा क्षेत्र की लाखों नौकरियां बच जाएंगी।
ट्रंप ने रूस और साऊदी को थैंक्स बोला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और सऊदी का शुक्रिया भी अदा किया। उन्होंने आगे लिखा, ' मैं रूस के राष्ट्रपति पुतिन और सऊदी के किंग सलमान का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मैंने अभी ओवल ऑफिस से उनसे बात की है। सभी के लिए ग्रेट डील। दरअसल, कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए किए जा रहे उपायों के चलते ईंधन की मांग बिल्कुल कम हो गई है जिससे तेल की कीमतें काफी घट गई हैं। इससे तेल उत्पादक देशों का बजट बिगड़ गया है।
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