बैंक कर्मियों की 11 से 13 मार्च तक होने वाली हड़ताल टल गई है। बैंक यूनियनों ने 11 मार्च से तीन दिन की हड़ताल को वापस ले लिया है यानी होली के बाद बैंक खुलेंगे।
नई दिल्ली: बैंक कर्मियों की 11 से 13 मार्च तक होने वाली हड़ताल टल गई है। बैंक यूनियनों ने 11 मार्च से तीन दिन की हड़ताल को वापस ले लिया है यानी होली के बाद बैंक खुलेंगे। लेकिन मार्च महीने में ही बैंक यूनियनों ने एक दिन के हड़ताल का ऐलान किया है। SBI के ग्राहक हो जाए सावधान, बैंक के नाम पर आ रहे ये फ्रॉड SMS ये भी पढ़ें

कैश की हो सकती है किल्लत
बैंकिंग सेक्टर की दो बड़ी यूनियनों, ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) ने 27 मार्च को हड़ताल करने का आह्वान किया है। अगर ये हड़ताल होती है तो इस महीने के आखिरी में तीन दिन बैंक बंद रहेंगे और फिर कैश की कमी से गुजरना पड़ सकता है। आपको बता दें कि पीएसयू बैंकों के मेगा विलय के विरोध में हड़ताल का ऐलान किया गया है। मालूम हो कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल घोषणा की कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 पीएसयू बैंकों को चार बड़े बैंकों में विलय करने की योजना को मंजूरी दे दी है। ये विलय इस साल 1 अप्रैल से लागू होगा।
जानिए क्या कहा है निर्मला सीतारमण ने
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि विलय एक अप्रैल 2020 से प्रभाव में आ जाएगा। सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विलय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और सरकार संबंधित बैंकों के साथ लगातार संपर्क में है। सीतारमण ने कहा कि इसमें कोई नियामकीय मुद्दा नहीं होगा। बैंक विलय का काम पटरी पर है और संबंधित बैंकों के निदेशक मंडल पहले ही निर्णय कर चुके हैं। सरकार ने पिछले साल अगस्त में बड़ा फैसला लेते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने की घोषणा की थी।
1 अप्रैल से हो सकती अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल
बता दें कि यूनियनों का यह भी कहना है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल करेंगे। उनकी मांगों में 10 पीएसयू बैंकों के प्रस्तावित विलय को रोकना, आईडीबीआई बैंक का निजीकरण, बैंकिंग सुधारों का रोलबैक, बेड लोन की वसूली और जमा पर ब्याज दर में वृद्धि शामिल है। जानकारी दें कि अगर ये हड़ताल होती है तो बैंकों की इस महीने के आखिर में 3 तीन की छुट्टी हो जाएगी। 27 मार्च को हड़ताल होगी, 28 मार्च को चौथा शनिवार है और 29 मार्च को रविवार की वजह से बैंक की छुट्टी रहेगी।
इससे पहले की थी 2 दिनों की हड़ताल
10 मार्च को होली के त्योहार की वजह से बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा अगर बैंक यूनियनें 11 से 13 मार्च तक तीन दिन की हड़ताल करती तो इन 3 दिन भी बैंक में कामकाज नहीं होता। 14 मार्च को महीने का दूसरा शनिवार है और 15 मार्च को रविवार की छुट्टी रहेगी। इससे पहले भी 31 जनवरी और 1 फरवरी को देशभर के ज्यादातर बैंककर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे थे। वहीं 2 फरवरी को रविवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने से कामकाज तो प्रभावित हुआ था।
इन बैंकों का होगा विलय
बता दें कि सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों यूनाइडेट बैंक ऑफ इंडिया, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब नेशनल बैंक, सिंडीकेट बैंक, केनरा बैंक , इलाहाबाद बैंक, इंडियन बैंक, आंध्रा बैंक, कोऑपरेशन बैंक और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के महाविलय के लिए तय एक अप्रैल 2020 की समयसीमा तेजी से नजदीक आ रही है। बता दें पिछले साल अगस्त में मोदी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने का फैसला किया था। योजना के मुताबिक यूनाइडेट बैंक ऑफ इंडिया और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का विलय पंजाब नेशनल बैंक में किया जाएगा।
जानिए क्या हैं बैंक यूनियन की मांगें?
- बैंकों में हफ्ते में 5 दिन ही काम हो।
- बेसिक पे में स्पेशल भत्ते जोड़े जाएं।
- एनपीएस को खत्म किया जाए।
- परिवार को मिलने वाली पेंशन में सुधार हो।
- स्टाफ वेलफेयर फंड का परिचालन लाभ के आधार पर बांटना।
- रिटायर होने पर मिलने वाले लाभ को आयकर से बाहर किया जाए।
- कॉन्ट्रेक्ट और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट के लिए समान वेतन हो।


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