नयी दिल्ली। सामाजिक प्रभाव सलाहकार समूह Dalberg की ओर से जारी की गयी एक नयी रिपोर्ट के मुताबित 90% भारतीय आधार सिस्टम में उनका डेटा सुरक्षित है। भारत में 95% व्यस्कों के पास आधार नंबर है। रिपोर्ट के मुताबिक 80% आधार कार्डधारकों का मानना है कि इसने राशन और पेंशन जैसी सरकारी सब्सिडी को अधिक विश्वसनीय बना दिया है। हालाँकि स्टेट ऑफ आधार 2019 नाम से जारी की गयी रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि 90% लोग गलती से मानते हैं कि बैंक खातों के लिए विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान करना कानूनन अनिवार्य है। वहीं 33% लोगों, जिन्होंने अपने आधार में बदलाव का प्रयास किया, को यह एक मुश्किल प्रक्रिया लगी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है करीब 77% आधार धारक ऐसे हैं जिन्होंने इसकी नई डिजिटल विशेषताओं का इस्तेमाल नहीं किया है। यानी इन लोगों ने अभी तक एमआधार, क्यूआर कोड, वर्चुअल आधार या मास्क्ड आधार जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कभी नहीं किया है।

क्या है रिपोर्ट का उद्देश्य?
इस रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य आधार की उपयोगिता को समझना है, क्योंकि राष्ट्रीय घरेलू डेटा अब तक इसके उपयोग पर कमजोर रहा है। बता दें कि आधार अपने 10वें साल में है। 2009 में सबसे पहली विशिष्ट पहचान संख्या महाराष्ट्र में जारी की गयी थी। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 95% व्यस्कों के पास आधार कार्ड है, जिसका इस्तेमाल वे औसतन महीने में एक बार करते हैं। वहीं कुल आबादी के 8% लोगों के पास आधार नहीं है। यानी अभी भी करीब 10.2 करोड़ लोगों के पास आधार नहीं है, जिनमें से 7.5 करोड़ बच्चे हैं। वहीं 30% बेघरों और 27% थर्ड-जेंडर के लोगों के पास आधार नहीं है।
असम में सबसे कम आधार कार्डधारक
रिपोर्ट में बताया गया है कि असम, अब तक देश का एकमात्र राज्य है जो अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) को अमल में लाया है, में केवल 10% लोगों के पास आधार कार्ड है। वहीं राज्य की 90% जनता के पास आधार कार्ड नहीं है। वहीं उत्तर-पूर्व में मेघालय में 61% लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है। यह रिपोर्ट 2019 में मई और सितंबर के बीच किए गए आधार पर दो राष्ट्रीय घरेलू सर्वेक्षणों पर आधारित है, जिसे 167,000 से अधिक निवासियों के अनुभवों पर तैयार किया गया है। सर्वे में शामिल 72% लोगों ने कहा कि वे आधार की एक यूनिवर्ससल आईडी के रूप में सराहना करत हैं, मगर इनमें से आधे लोग इसे बहुत अधिक सेवाओं से जोड़ने के जोखिमों के बारे में चिंता भी करते हैं।
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