नयी दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 38वीं बैठक शुरू हो गयी है। इस बैठक का मुख्य मुद्दा है टैक्स कलेक्शन बढ़ाना। बैठक से कुछ दिन पहले जीएसटी टैक्स रेट में बढ़ोतरी की अटकलें लगायी जा रही थीं, मगर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया था। आज की बैठक में एक नयी पहल शुरू की गयी है। आज जीएसटी काउंसिल ने पहली बार किसी मामले पर वोटिंग के जरिये फैसला लिया है। आपको बता दें कि जीएसटी काउंसिल ने सभी लॉटरियों पर 28 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला वोटिंग से लिया है। आपको बता दें कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति भी अपनी हर दो महीने बाद होने वाली समीक्षा में वोटिंग के जरिये फैसले लेती है। आपको बता दें कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष के आखरी 4 सालों में हर महीने 1.10 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी कलेक्शन का लक्ष्य रखा है।

जीएसटी परिषद ने पहली बार की वोटिंग
आज की बैठक में एक नयी पहल शुरू की गयी। आज जीएसटी काउंसिल ने पहली बार किसी मामले पर वोटिंग के जरिये फैसला लिया है। आपको बता दें कि जीएसटी काउंसिल ने सभी लॉटरियों पर 28 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला वोटिंग से लिया है। सभी तरह की लॉटरियों पर यह टैक्स रेट 1 मार्च 2020 से लागू होगा। आपको बता दें कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति भी अपनी हर दो महीने बाद होने वाली समीक्षा में वोटिंग के जरिये फैसले लेती है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के आखरी 4 सालों में हर महीने 1.10 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी कलेक्शन का लक्ष्य रखा है।
राज्यों को मासिक आधार पर भुगतान की मांग
राज्यों को मुआवजा दिये जाने के मामले में छत्तीसगढ़ के वाणिज्यिक कर मंत्री, टीएस सिंह देव ने वर्तमान द्वि-मासिक सिस्टम के बजाय मासिक आधार पर दिए जाने वाले मुआवजे का समर्थन किया है। सरकार ने जीएसटी काउंसिल की बैठक से कुछ दिन पहले ही 35,298 करोड़ रुपये के लंबित जीएसटी मुआवजे को मंजूरी दे दी थी। कई राज्यों, विशेष रूप से विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों, ने अगस्त-सितंबर के महीनों के लिए जीएसटी के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया था।
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