नई दिल्ली। नौकरियों की कमी के आरोप से परेशान सराकर ने अब इंडस्ट्री से ही पूछा कि वह बताएं कैसे रोजगार बढ़ाएं जाएं। हालांकि सरकार को इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों को यह पत्र पिछले महीने की 27 सितंबर को लिखा था, लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। यह पत्र श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों को लिखा है। इस पत्र में सरकार ने वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से लेकर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में बदलाव के बारे में भी राय मांगी है। सरकार ने इंडस्ट्री संगठनों से इस बारे में 15 अक्टूबर 2019 तक जवाब देने को कहा है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर भी मांगी राय
मंत्री ने पत्र में कहा है कि तेज गति से रोजगार का सृजन करने के लिए हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि आपकी श्रम और रोजगार मंत्रालय से क्या उम्मीदें हैं। अगर सरकार को इस बारे में अच्छी तरह से पता होगा तो नया बिजनेस खड़ा करना आसान हो सकेगा और मौजूदा कंपनियों का संचालन हो सकेगा। साथ ही इससे रोजगार बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
बेरोजगारी बढ़ने से परेशान है सरकार
मोदी सरकार आजकल नौकरियों की कमी के आरोप का सामना कर रही है। ऐसे में गंगवार की तरफ इंडस्ट्री को यह पत्र लिखना महत्वपूर्ण है। वहीं देश की जीडीपी भी कई साल बाद गिरकर 5 फीसदी पर आ गई है। वहीं रिजर्व बैंक ने भी जीडीपी के अनुमान को घटाकर 6.9 फीसदी से 6.1 फीसदी कर दिया है।
22 अक्टूबर से राज्यों से भी लिया जाएगा सुझाव
नौकरियों को लेकर मोदी सरकार की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वह इस मामले पर राज्य सरकारों से चर्चा करेगी। श्रम मंत्री यह बैठकें 22 अक्टूबर से भुवनेश्वर से शुरू करेंगे। इस बैठक में लगभग हर राज्य को शामिल किया जाएगा।
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