पणजी। सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर को गति देने के लिये बड़ी घोषणा करते हुए शुक्रवार को कॉरपोरेट कर की प्रभावी दर घटा दी। अब घरेलू कंपनियों के लिये सभी अधिशेषों और उपकर समेत कॉरपोरेट कर की प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नयी दर इस वित्त वर्ष के एक अप्रैल से प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि दर कम करने तथा अन्य घोषणाओं से राजस्व में सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है। सीतारमण ने कहा कि निवेश और आर्थिक वृद्धि दर को गति देने के लिये ये कदम उठाये गये हैं। वित्त मंत्री की इन घोषणाओं से निवेशकों की वैल्थ कुछ ही देर में करीब 5 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई।

सेंसेक्स में रिकॉर्ड तेजी
आज यानी 20 सितंबर 2019 को सेंसेक्स करीब 1900 अंक तक बढ़ गया। यह 20 मई के बाद शेयर बाजार में आई एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है। इस तेजी के चलते शयेर मार्केट की मार्केट कैप एक मिनट के अंदर करीब 5 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर बढ़त के साथ कामकाज कर रहे है, जिसके चलते सेंसेक्स 1150.94 के अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है जबकि निफ्टी 11000 के पार पहुंच गया है। निफ्टी के 50 में से 49 शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। वहीं बैंक निफ्टी के 12 में से 11 शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है।
ये हैं 7 बड़ी घोषणाएं
-कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की प्रभावी दर घट कर हुई 25.17 प्रतिशत
-सरकार को सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये का राजस्व का नुकसान होगा
-किसी भी प्रोत्साहन का लाभ नहीं लेने वाली कंपनियों के लिए अब कॉरपोरेट कर की दर 22 प्रतिशत होगी
-1 अक्टूबर के बाद बनने वाली घरेलू विनिर्माण कंपनियां बिना किसी प्रोत्साहन के 15 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान कर सकेंगी
-इनके लिये अधिशेषों और उपकर समेत कॉरपोरेट कर की प्रभावी दर 17.01 प्रतिशत होगी
-जिन लिस्टेड कंपनियों ने 5 जुलाई से पहले शेयरों की पुनर्खरीद की घोषणा की है, उन्हें भी सुपर रिच उपकर नहीं देना होगा
-कंपनियों को अब 2 प्रतिशत कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) इनक्यूबेशन, आईआईटी, एनआईटी और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं पर खर्च करने की भी छूट मिली
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