अमेरिका में अगर घटा ब्याज, तो भारत की लगेगी लॉटरी

नई दिल्ली। शेयर बाजार के जानकारों के मुताबिक अमेरिका का फेडरल रिजर्व यानी वहां का रिजर्व बैंक अगर अपनी मुख्य ब्याज दरों में कटौती करता है तो यह भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही अच्छी खबर होगा। अगर ऐसा होता है तो इससे भारत के शेयर बाजार और डेट मार्केट में पूंजी प्रवाह बढ़ जाएगा। फेडरल रिजर्व आज यानी गुरुवार की शाम को अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद घोषणा करेगा। इसका असर भारतीय बाजार पर कल यानी शु्क्रवार को दिखाई देगा। शेयर बाजार के जानकारों को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कटौती कर सकता है।

US Federal Reserve

देश के शेयर बाजार से पूंजी निकासी थमेगी

कोटक सिक्युरिटीज में पीसीजी, कमोडिटी एवं करेंसी कारोबार के प्रमुख और एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट आशीष नंदा के अनुसार फेडरल रिजर्व यदि अपनी ब्याज दर में कमी लाता है, तो इससे डॉलर कमजोर होगा। इससे हमारी अपनी मुद्रा में गिरावट में कमी आएगी। इसके अलावा भारतीय शेयर बाजार से पूंजी निकलने की रफ्तार भी कम होगी। वहीं आईसीआईसीआई सिक्युरिटीज के रिसर्च प्रमुख पंकज पांडे के अनुसार फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती से भारतीय रिजर्व बैंक को अपनी रेपो रेट की समीक्षा में मदद मिलेगी।

अगर अमेरिका ने दर बढ़ाई तो मुश्किलें पैदा होंगी

इसके विपरीत अगर अमेरिकी फेड ने अपनी ब्याय दरों में बढ़ोत्तरी कर दी तो भारत के लिए दिक्कतें पैदा हो जाएंगी। कोटक सिक्युरिटीज के आशीष नंदा के अनुसान अमेरिकी फेड यदि ब्याज दरों को बढ़ाता है तो इससे पूरी दुनिया के शेयर बाजार में गिरावट का दौर शुरू हो जाएगा। इसके अलावा डॉलर अन्य विदेशी मुद्राओं के मुकाबले ताकतवर होगा। इससे भारत सहित ज्यादातर देशों की परेशानी बढ़ेगी। भारत एक ओर कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी और दूसरी ओर रुपये में गिरावट से पहले ही परेशान है।

यह भी पढ़ें : मदरसन सूमी : 25 हजार को बना दिया 4.25 करोड़ रु, 41 लाख डिविडेंड में दिया

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+