आईटीआर भरने का कल तक है आखि‍र‍ी मौका, नहीं तो होंगे ये नुकसान

इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त नजदीक आ गई है। आईटीआर भरने के लिए अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं।

नई द‍िल्‍ली: इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त नजदीक आ गई है। आईटीआर भरने के लिए अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं। अगर आप टैक्स के दायरे में आते हैं और आपने 31 अगस्त तक आईटीआर नहीं भरा तो आप पर भारी-भरकम लेट फीस लग सकती है। ये बात भी सच हैं कि आय कर विभाग लगातार समय पर और सही आईटीआर भरने को लेकर लोगों को सूचित कर रहा है। आईटीआर वेरीफाई करने के तरीके जानें यहां

5000 रुपये तक की लेट पेमेंट फीस लग सकती

5000 रुपये तक की लेट पेमेंट फीस लग सकती

इतना ही नहीं आयकर विभाग की वेबसाइट पर लगातार ये कहा जा रहा है कि अगर आप ने 31 अगस्त तक अपना रिटर्न नहीं भरा, तो आप पर 5000 रुपये तक की लेट पेमेंट फीस लग सकती है। जी हां अगर 31 अगस्त तक रिटर्न नहीं फाइल हुआ तो एक सितंबर से 31 दिसंबर 2019 के बीच रिटर्न दाखिल करने पर 5,000 रुपये विलंब शुल्क लगेगा। इसके बाद 31 मार्च 2020 तक 10,000 रुपये विलंब शुल्क देकर ही रिटर्न फाइल किया जा सकेगा। विलंब शुल्क के अलावा कर दाताओं पर 5000 रुपये पेनाल्टी भी लगेगी। पांच लाख से कम आय वालों के लिए विलंब शुल्क एक हजार रुपये होगा, लेकिन पेनाल्टी उन्हें भी 5000 रुपये ही देनी होगी। इसको लेकर आयकर से जुड़े अधिवक्ताओं और सीए के यहां भीड़ लग रही है।

आयकर विभाग भेज सकता है नोटिस

आयकर विभाग भेज सकता है नोटिस

आपको बता दें कि अधिवक्ता कुमार हर्षवर्द्धन ने बताया कि रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो आयकर विभाग नोटिस भेज सकता है। नोटिस भेजे जाने के बाद रिटर्न अनिवार्य रूप से दाखिल करना होगा और तब विलंब शुल्क एवं जुर्माना देना पड़ेगा। इसके अलावा विभाग तीन महीने से दो वर्ष तक कारावास के नियमों के तहत अभियोजन की कार्रवाई कर सकता है। 25 लाख रुपये से अधिक कर जमा करने वाले करदाताओं के लिए अभियोजन की अवधि सात वर्ष तक हो सकती है। आयकर से जुड़े ब्रजेश मिश्र ने बताया कि लेट रिटर्न तो 31 मार्च तक जमा हो जायेगा, लेकिन उसके कई नुकसान भी हैं, जिनका बाद में असर दिखता है।

क्‍या आप जानतें है आईटीआर भरने के कई फायदे होते है।

क्‍या आप जानतें है आईटीआर भरने के कई फायदे होते है।

  • अगर आप समय पर आईटीआई फाइल करते हैं तो आपको सरकार की तरफ से कई फायदे दिए जाते हैं। आपको बता दें कि क्‍या-क्‍या फायदे म‍िल सकते है।

1. अगर आप कहीं विदेश जा रहे हैं और आपको अपना वीजा बनवाना है तो उसके लिए दो साल का रिटर्न फॉर्म मांगते हैं, तो अगर आपने आईटीआर नहीं भरा है तो आपको वीजा भी नहीं मिल पाएगा।

2. वहीं तीन साल का रिटर्न फॉर्म हो तो बैंक से कर्ज लेना और क्रेडिट कार्ड बनवाना आसान हो जाता है।

3. इसके साथ ही बड़े लेनदेन, प्रॉपर्टी खरीदने और म्यूचुअल फंड में ज्यादा निवेश के लिए आईटीआर की जरूरत होती है।

4. अगर टीडीएस कटा है तो इसे क्लेम करने के लिए भी आईटीआर भरना जरूरी है।

5. खुद का कारोबार शुरू करने के लिए भी आईटीआर फॉर्म की जरूरत होती है।

आधार से आईटीआर भरने वालों को जारी होगा पैन कार्ड

आधार से आईटीआर भरने वालों को जारी होगा पैन कार्ड

अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है और आधार कार्ड से आईटीआर भरने जा रहे हैं तो आपको आयकर विभाग स्वत: ही पैन कार्ड जारी कर देगा। सरकार ने सभी के लिए आधार और पैन कार्ड को जोड़ना अनिवार्य कर दिया है। हालांकि कहा जा रहा है कि आयकर विभाग अब आईटीआर में गड़बड़ी को लेकर पहले की तरह सख्ती नहीं बरतेगा और तुरंत आपको इनकम टैक्स विभाग का नोटिस नहीं थमाया जाएगा। रिटर्न भरते समय हुई किसी भी चूक की सूचना एसएमएस पर मिलेगी।

 

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