नई दिल्ली। कई मामलों में दोषी पाए जाने के बाद भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने वेब एग्रीगेटर पॉलिसीबाजार पर 1.11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है और भविष्य में नियमों के उल्लंघन को लेकर चेतावनी जारी की है। नियामक ने फर्म को 15 दिनों के अंदर जुर्माने की रकम जमा कराने को कहा है। पॉलिसीबाजार इंश्योरेंस वेब एग्रीगेटर प्रा. लि. देश का सबसे बड़ा वेब एग्रीगेटर है।

आईआरडीएआई के आदेश में कहा गया, "वेब एग्रीगेटर अगर चाहे तो इस फैसले के खिलाफ बीमा अधिनियम 1938 की धारा 110 के तहत सिक्यूरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील दायर कर सकती है।" आईआरडीएआई ने कहा कि पॉलिसीबाजर ने इंश्योरेंस वेब एग्रीगेटर रेगुलेशंस 2013 और 2017 का उल्लंघन किया है, जो पॉलिसी धारकों के हितों की रक्षा और वेब एग्रीगेटर के कारोबार को नियमित करने के लिए बनाए गए हैं।
इससे पहले यूनाइटेड इंडिया पर लगा चुका है जूर्माना
इरडा इससे पहले सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड पर कुछ प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने पर नौ लाख रुपये का जुर्माना लगा चुका है। बीमा क्षेत्र के नियामक ने अक्टूबर 2015 के दौरान की जांच में पाया कि कंपनी ने कुछ निश्चित प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया है। उसके बाद उसने पिछले साल अगस्त में कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इरडा के अधिकारियों ने जांच के दौरान तीन तरह के उल्लंघन पाए जिसमें से दो के लिए जुर्माना लगाया गया है। इरडा ने नमूने के तौर पर लिये गये कंपनी की पालिसी फाइल की जांच में पाया कि उसने अलग-अलग ग्राहकों को दी जाने वाली छूट को न्यायोचित ठहराने की जानकारी नहीं दी है। यह छूट उसने दूसरे प्रतिस्पर्धियों द्वारा व्यक्त व्यवहारों के आधार पर दी। इस मामले में कंपनी के जवाब से संतुष्ट नहीं रहने पर बीमा नियामक ने उस पर नौ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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