मोदी सरकार पावर सेक्टर में बड़े सुधार करके ग्राहकों को एक बड़ी सुविधा देने जा रही है।
नई दिल्ली: मोदी सरकार पावर सेक्टर में बड़े सुधार करके ग्राहकों को एक बड़ी सुविधा देने जा रही है। जी हां ग्राहकों को और ज्यादा सुविधाएं देने के लिए पावर सप्लाई को सुनिश्चित करने के लिए सरकार बड़े सुधार करने जा रही है। जानकारी दें कि अगर मौजूदा बिजली वितरण कंपनी सही सर्विस नहीं दे रही है तो आपको पास विकल्प होगा कि दूसरी कंपनी का चयन कर लें। इसके लिए सभी राज्यों को ऊर्जा मंत्रालय ने निर्देश दिया है और ये कहा है कि फ्रेंचाइजी मॉडल को अपनाएं। इसका सीधा मतलब यह हैं कि एक एरिया में कई पावर डिस्ट्री्ब्यूशन कंपनी हों। वहीं ऊर्जा मंत्रालय ने ये भी निर्देश दिया है कि 3 महीने में निजी कंपनियों के चुननें के लिए बिडिंग प्रक्रिया शुरू की जाए। 1 सितंबर से बैंक से जुड़े ये 7 नियम बदल रहें, आप भी जान लें ये भी पढ़ें

ये है सरकार की प्लानिंग
बता दें कि दरअसल, सरकार ये चाहती है कि निजी कंपनियों के आने से पावर इफिशियंसी और सप्लाई बढ़ेगी। निजी कंपनी की जिम्मेदारी बिल कलेक्शन और पावर कनेक्शन देने की होगी। इसके साथ ही पावर सप्लाई की भी जिम्मेदारी उनकी ही होगी। ये कमिशन के आधार पर तय किया जाएगा। सरकारी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बिजली खरीदेगी और साथ ही साथ ट्रांसमिशन का जो अधिकार वो सरकारी कंपनी के पास ही रहेगी। लेकिन जो बिजली सप्लाई का अधिकार हो वो निजी बिजली कंपनियों को दिया जाएगा। इसके बदले में सरकारी कंपनी को कमिशन मिलेगी। ये मॉडल अपनाया गया है।
जानें क्या है सरकार की शर्तें
इतना ही नहीं इसके साथ ही इसके लिए इलेक्ट्रिसिटी एक्ट में बदलाव की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि इसमें फ्रेंचाइजी मॉडल को अपनाया जा रहा है। सरकार ने इसके लिए कुछ शर्तें भी जोड़ी हैं। अगर कोई सरकारी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी इस मॉडल को नहीं अपनाती है तो उसे आरईसी और पीएफसी की तरफ से लोन नहीं मिलेंगे और साथ ही साथ जो सरकारी मदद है चाहे वो दीनदयाल उपाध्याय योजना या आईपीडीएस के तहत है, उसके तरफ से भी सरकारी मदद नहीं मिलेगी जो इस मॉडल को नहीं अपनाएगा।


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