मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय बोर्ड ने सोमवार को 1,76,051 करोड़ रुपये भारत सरकार को हस्तांतरित करने का फैसला लिया। इसके तहत 1,23,414 करोड़ रुपये वित्त वर्ष 2018-19 का अधिशेष और 52,637 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान शामिल है। इसकी सिफारिश संशोधित आर्थिक पूंजी फ्रेमवर्क में की गई है, जिसे केंद्रीय बोर्ड की बैठक में सोमवार को स्वीकार किया गया। इस विषय पर काफी समय से विवाद बना हुआ था।

जानिए कैसे लगी लॉटरी
-वित्त वर्ष 2014 में 52679 करोड़ रुपये
-वित्त वर्ष 2015 में 65896 करोड़ रुपये
-वित्त वर्ष 2016 में 65876 करोड़ रुपये
-वित्त वर्ष 2017 में 30659 करोड़ रुपये
-वित्त वर्ष 2018 में 50000 करोड़ रुपये
-वित्त वर्ष 2019 में 123414 करोड़ रुपये
आरबीआई ने सरकार की सलाह से केंद्रीय बैंक के आर्थिक पूंजी फ्रेमवर्क की समीक्षा के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास को शुक्रवार को ही सौंप दी थी।
समिति ने केंद्रीय बैंक के वित्तीय लचीलापन, दूसरे देशों की परंपराओं, वैधानिक प्रावधानों और आरबीआई की सार्वजनिक नीति की अनिवार्यता के साथ-साथ इसके तुलना पत्र पर प्रभाव और इसमें शामिल जोखिम को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशें दीं। समिति की सिफारिशें इस तथ्य से निर्देशित थीं कि आरबीआई मौद्रिक, वित्तीय और बाहरी स्थिरता के लिए पहले बचाव का जरिया बनाता है। इसलिए आरबीआई को लचीलापन बनाए रखने के लिए अपनी सार्वजनिक नीति के उद्देश्यों के अनुसार चलने की जरूरत होती है।
दिसंबर 2018 में बनी थी जालान समिति
6 सदस्यीय बिमल जालान समिति का गठन 26 दिसंबर 2018 को किया गया था। इस समिति को पहली बैठक के बाद 90 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया था। हालांकि बिमल जालान समिति अपनी रिपोर्ट समय से तैयार नहीं कर पाई थी, जिसके चलते इसे और समय दिया गया था। बिमल जालान समिति में आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन, वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग, आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन तथा आरबीआई केंद्रीय निदेशक मंडल के सदस्य भरत दोषी और सुधीर माकंड़ शामिल थे।
यह भी पढ़ें : युवा हैं तो फ्री में मिलेंगे 72 लाख रुपये, तुरंत करें आवेदन
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?



Click it and Unblock the Notifications