वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि आने वाले दिनों में बैंक आवास, वाहन और दूसरे कर्ज को सस्ता करेंगे।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि आने वाले दिनों में बैंक आवास, वाहन और दूसरे कर्ज को सस्ता करेंगे। जी हां शुक्रवार की शाम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की है कि अब जल्द ही आपके होम लोन, लोन और अन्य लोन सस्ते होने जा रहे। बैंकिंग और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों से लिए गए सभी लोन्स को सस्ता किया जाएगा। बता दें कि सीतारमण ने कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में की गई कटौती का फायदा बैंक कर्ज लेने वालों तक पहुंचाएंगे जिससे बैंकों की ब्याज दरों में कमी आएगी। वहीं उन्होंने कहा कि बैंक रेपो रेट और एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुडे़ लोन पेश करेंगे। इससे हाउसिंग, व्हीकल और दूसरे रीटेल लोन की ईएमआई भी सस्ती हो जाएंगी। जानकारी देना चाहेंगे कि वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने बैंकों में नकदी बढ़ाने के अनेक उपाय किए हैं। अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उठाए ये कदम ये भी पढ़ें

30 हजार करोड़ की मदद मिलेगी हाउसिंग सेक्टर को
निर्मला सीतारमण ने घोषणा की सरकार आवास वित्त कंपनियों (एचएफसीएस) को राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) के माध्यम से 20,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी सहायता भी उपलब्ध कराएगी जिससे कुल समर्थन राशि 30,000 करोड़ रुपये हो जाएगी। जबकि गैर-बैंकिंग कंपनियों और आवास वित्त कंपनियों की एक लाख करोड़ रुपये तक की एकजुट परिसंपत्तियों की खरीद के लिए सरकार की घोषित पार्शियल क्रेडिट स्कीम की हर बैंक में उच्च स्तर पर निगरानी की जाएगी।
बता दें कि गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) को जारी किए गए पूर्वभुगतान नोटिसों की बैंक निगरानी करेंगे। वित्त मंत्री का कहना हैं कि एनबीएफसी को प्रक्रियाओं के दोहरीकरण से बचने के लिए आधार द्वारा ऑथेंटिकेटिड बैंक की अपने ग्राहक को पहचानो (केवाईसी) का इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी। सरकार ने कर्ज प्रक्रिया को आसान करने के लिए आधार नियमों को सरल बनाने और मनी लॉन्ड्रिंग कानून में आवश्यक बदलाव करने का निर्णय किया है।
कर्ज खत्म होने के 15 दिन के अंदर डॉक्युमेंट्स लौटाने होंगें
दूसरी ओर इस बात से भी अवगत कराया गया हैं कि बिजनेस के लिए कैपिटल लोन को भी सस्ता बनाया जाएगा। इतना ही नहीं लोगों को परेशानी से बचाने और कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए सरकारी बैंक सुनिश्चित करेंगे कि कर्जदार का कर्ज खत्म होने के 15 दिन के भीतर कर्ज के लिए गिरवी रखे दस्तावेज लौटा दिए जाएं। इससे गिरवी रख कर्ज लेने वालों को लाभ होगा।


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