नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी (GST) व्यवस्था को जिस तेजी के साथ केन्द्र की मोदी सरकार ने लागू किया है, उसी तेजी के साथ इसकी मॉनिटरिंग भी कर रही है। यही कारण है कि राज्यों की तुलना में केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों (Central GST officials) ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input tax credits) की चोरी को रोकने में बेहतर काम किया है। दरअसल जीएसटी (GST) के तहत बहुत से कारोबारी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने के लिए नकली चालान लगाने का काम कर रहे हैं। ऐसे मामलों को पकड़ने में केंन्द्र ने राज्यों से ज्यादा काम किया है।

मोदी सरकार ने कितने मामले पकड़े
राज्यों ने ऐसे कुल 225 मामलों को पकड़ा है, जबकि केंद्रीय जीएसटी के अधिकारियों (Central GST officials) ने ऐसे कुल 396 मामले पकड़े हैं, जिससे पता चलता है कि वे जीएसटी (GST) अनुपालन लागू करने में बेहतर हैं।
मासिक बुलेटिन में दी जानकारी
जीएसटी परिषद सचिवालय (GST Council Secretariat) ने मई के अपने मासिक बुलेटिन में कहा, "कर चोरी रोकने के अभियान में सीबीआईसी (Central indirect tax board) ने नकली चालान के 396 मामलों को पकड़ा है, जिसमें कुल 5,887.54 करोड़ रुपये की कर चोरी की कोशिश की जा रही थी। वहीं, सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा ऐसी ही कार्रवाई में 225 मामले पकड़े गए हैं, जिनसे कुल 1,314.77 करोड़ रुपये के कर चोरी की कोशिश की जा रही थी।" जीएसटी निकाय (GST body) ने हालांकि यह जानकारी नहीं दी कि नकली चालान को पकड़ने की कार्रवाई किस अवधि में की गई।
जीएसटी (GST) पर जानकार की राय
एक कर विशेषज्ञ (Tax expert) का कहना है कि कर चोरी पकड़ने का तंत्र हमेशा से केंद्र सरकार के पास बेहतर रहा है। राजस्व मंत्रालय ने कहा, "आयकर विभाग (income tax) और जीएसटी (gst) की प्रणालियों के आपस में जुड़ने के बाद नकली चालान बनाकर कर चोरी करना काफी कठिन हो जाएगा। दोनों विभाग के बीच डेटा साझा करने की प्रणाली पर काम चल रहा है।"
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