Mutual Fund : जानें क्यों चुनाव के पहले मार्च में दोगुना हो गया निवेश

जानें आखिर वो कौन सा कारण है कि लोगों ने अचानक बढ़ा दिया है म्युचुअल फंड (mutual fund) में निवेश।

नई दिल्ली। चुनाव की बीच मार्च में अचानक म्युचुअल फंड (mutual fund) में निवेश तेजी से बढ़ा है। मार्च में इक्विटी म्युचुअल फंड (Equity mutual fund) और टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (ELSS) में निवेश दोगुना हो गया है। मार्च 2019 में इन दोनों कैटेगरी में मिलाकर 11,756 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, फरवरी में लगभग 5,122 करोड़ रुपये ही था। वहीं इक्विटी म्युचुअल फंड (Equity mutual fund) की सभी कैटेगरी में रिटेल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च में बढ़कर 10.73 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो फरवरी में 10.01 लाख करोड़ रुपये थी। वित्तीय बाजार के जानकारों के अनुसार चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में सरकार को लेकर आई पॉजिटिव खबरों से निवेशकों ने अपना मन फिर से इक्विटी में निवेश का बनाना शुरू कर दिया है।

Mutual Fund

सिप (SIP) से निवेश 38 फीसदी बढ़ा
मार्च में सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी सिप (SIP) के जरिए हालांकि निवेश 0.5 फीसदी घटकर 8,055 करोड़ रुपये रह गया है। फरवरी में यह निवेश 8,094 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि म्युचुअल फंड (mutual fund) में पूरे वित्तीय वर्ष में निवेशकों ने सिप (SIP) के जरिए कुल 92,693 करोड़ रुपये लगाए। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 में यह आंकड़ा 67,190 करोड़ रुपये का था। इस प्रकार पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले सिप (SIP) माध्यम से निवेश करीब 38 फीसदी बढ़ा है।

बैलेंस्ड म्युचुअल फंड (Balanced Mutual Fund) से निवेशक निकल रहे
पिछले वित्तीय साल में हालांकि बैलेंस्ड म्युचुअल फंड (Balanced Mutual Fund) से निवेशकों ने 3,181 करोड़ रुपये निकाला है। जानकारों का कहना है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि ऐसी म्युचुअल फंड (mutual fund) स्कीमों के डिविडेंड पर टैक्स लगा दिया गया है। इससे इन स्कीम का आकर्षक कम हो गया है।

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डेट म्युचुअल फंड (Debt Mutual Fund) से पैसे निकाल रहे निवेशक
कई एनबीएफसी (NBFC) कंपनियों में संकट के बाद रिटेल इनवेस्टर्स डेट म्युचुअल फंड (Debt Mutual Fund) से निकल रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में डेट म्युचुअल फंड (Debt Mutual Fund) से निवेशकों ने 1.21 लाख करोड़ रुपये निकाला है। इस दौरान लिक्विड फंड्स में 51,343 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो हुआ, क्योंकि कॉरपोरेट इनवेस्टर्स आमतौर पर एडवांस टैक्स चुकाने के लिए फाइनेंशियल ईयर के अंतिम महीने में रकम निकालते हैं। हालांकि इनमें से कुछ निवेश अप्रैल में वापस आने की उम्मीद रहती है। वहीं इनकम फंड्स की लोकप्रियता में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च में इनमें 13,856 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो हुआ, जबकि फरवरी में इनसे 4,200 करोड़ रुपये निकले थे।

अगला साल अच्छा होने की उम्मीद
एम्फी (AMFI) के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, एन एस वेंकटेश के अनुसार इंटरेस्ट रेट्स के कम होने और मैक्रो-इकनॉमिक संकेतों के मजबूत ट्रेंड से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री (Mutual fund industry) 2019-20 में 17-18 फीसदी की ग्रोथ हासिल कर सकती है।

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