जम्मू। जम्मू एवं कश्मीर में एक अंतरराज्यीय फर्जी जीएसटी (gst) और ई-बिलिंग गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। एक अधिकारी ने कहा कि गिरोह करोड़ों रुपयों का गबन कर चुका है। जम्मू एवं कश्मीर बिक्री कर विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि अधिकारियों की एक टीम ने शनिवार को 40 लाख रुपये के सामान ले जा रहे एक वाहन को जब्त कर लिया और उस सामान की वस्तु एवं सेवा कर (gst) और ई-बिलिंग दस्तावेज फर्जी पाए गए।

प्रवक्ता ने कहा, "यह गिरोह अप्रैल 2018 से संचालित था। यह फर्जी जीएसटी दस्तावेज तथा फर्जी ई-बिल्स दस्तावेज बनाने का काम करता था।" उन्होंने कहा कि गिरोह की संचालक महिला एंटरप्राइजेज, महिला गारमेंट्स और ए.आर. इलेक्ट्रिकल्स के मालिक दिल्ली निवासी राजीव भाटिया के रूप में हुई और यह घोटाला पी.के. ट्रेडर्स, संतोष ट्रेडर्स, रवीश ट्रेडर्स, खान एंटरप्राइजेज और महिला ट्रेड मार्ट नाम के फर्जी जीएसटी धारकों के नाम से चल रहा था। बिक्री कर विभाग ने आगे की जांच के लिए यह मामला केंद्रीय उत्पाद शुल्क और खुफिया के महानिदेशक को भेज दिया है।
इससे पहले भी हुए हैं घोटाले
मध्यप्रदेश के इंदौर में फर्जी ई वे बिल से जीएसटी में घोटोल का मामला सामने आ चुक है। पड़ताल पर पता चला था कि कई फर्जी कम्पनियां बनाकर आरोपियों ने करोड़ों की टैक्स चोरी की है। अनुमान है कि इस घोटाले में करीब 1200 करोड़ रुपये की कर चोरी हुई है। इस घोटाले के तार इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और छतरपुर से लेकर महाराष्ट्र के ठाणे, गुजरात के भावनगर तक से जुड़े हुए पाए गए थे।
महाराष्ट्र में भी हो चुका है घोटाला
सेंट्रल GST और सेंट्रल एक्साइज कमिश्नरेट की रायगढ़ विंग ने सैकड़ों करोड़ रुपये की जीएसटी टैक्स चोरी का पता लगाया है। सूत्रों ने बताया कि 650 करोड़ रुपये के गुड्स सप्लाई करने और करीब 110 करोड़ रुपये के जीएसटी पेमेंट के फर्जी बिल कथित तौर पर आरोपी कंपनियों के फेवर में बनाए गए थे। उन्होंने बताया कि इन फर्जी खरीदारियों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के इरादे से यह काम किया गया था।
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