छोटे किसानों को नकद समर्थन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान योजना (PM-Kisan) के तहत पहली किस्त के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य नहीं होगा।
छोटे किसानों को नकद समर्थन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान योजना (PM-Kisan) के तहत पहली किस्त के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य नहीं होगा। हालांकि, दूसरी किस्त पाने के लिए आधार को अनिवार्य किया गया है।
तीन किस्तों में मिलेगी राशि
बता दें कि सरकार ने 2019-20 के अंतरिम बजट में 75,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले छोटे किसानों को सालाना 6,000 रुपये की नकद मदद दी जायेगी।यह राशि तीन किस्त में उनके बैंक खाते में डाली जाएगी।
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, दो हजार रुपये की पहली किस्त के लिए आधार अनिवार्य नहीं होगा लेकिन दूसरी किस्त पाने के लिए आधार नंबर को अनिवार्य किया गया है। किसानों को अपनी पहचान बताने के लिए आधार नंबर देना होगा।केंद्र द्वारा पूर्ण वित्त पोषित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का क्रियान्वयन इसी वित्त वर्ष से होगा।
आधार नंबर नहीं है तो अन्य वैकल्पिक दस्तावेज अनिवार्य
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों को भेजे पत्र में कहा है कि दिसंबर 2018 से मार्च 2019 की अवधि की किस्त पाने के लिये आधार नंबर जहां उपलब्ध होगा, वहीं लिया जाएगा।
अगर आधार नंबर नहीं है तो अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों जैसे- ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, नरेगा रोजगार कार्ड या केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा जारी किसी अन्य पहचान पत्र के आधार पर पहली किस्त दी जा सकती है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि दूसरी और उसके बाद की किस्त पाने के लिए आधार नंबर अनिवार्य होगा।
दो हेक्टेयर तक खेती योग्य जमीन
मंत्रालय ने राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि पत्र किसानों का दोहराव नहीं हो। राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे गांवों में लाभार्थी छोटे और सीमान्त किसानों का डाटाबेस बनाएं। राज्यों से ऐसे किसानों का ब्यौरा मसलन नाम, स्त्री हैं या पुरुष, एससी-एसटी, आधार, बैंक खाता संख्या और मोबाइल नंबर जुटाने को कहा है।
केंद्र ने छोटे और सीमान्त किसानों को पति, पत्नी, 18 साल तक के नाबालिग बच्चों के हिसाब से परिभाषित किया है, जिनके पास संबंधित राज्य के भू-रिकॉर्ड के अनुसार दो हेक्टेयर तक खेती योग्य जमीन है।
शिकायत निवारण समिति बनेंगे
राज्य सरकारों को जिला स्तर पर योजना से संबंधित सभी शिकायतों के निवारण के लिए जिला स्तरीय शिकायत निवारण समितियों को सूचित करने के लिए कहा गया है।इसके अलावा योजना को लागू करने के लिए केंद्र स्तर पर एक प्रोजेकेट मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाएगी, जबकि स्टेट में एक नोडल डिपार्टमेंट बनाया जाएगा।
आयुष्मान भारत स्कीम में भी यही नियम
आपको इस बात से भी अवगत कराना चाहेंगे कि इससे पहले सरकार आयुष्मान भारत स्कीम के लिए भी यह नियम ला चुकी है। आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत पहली बार लाभ लेने के लिए आधार अनिवार्य नहीं है लेकिर दूसरी दफा उपचार के लिए आधार अनिवार्य होगा। अगर आधार नहीं है तो लाभार्थी को कम से कम ये साबित करने के लिए दस्तावेज पेश करने होंगे कि वे आधार के लिए रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।
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