प्रधानमंत्री जनधन योजना को हमेशा खुली रहने वाली योजना बनाने का बुधवार को फैसला किया है। ऐसा फैसला लेने के पीछे मुख्य उदेश्य यह हैं कि सरकार ने लोगों को बैंक खाता खोलने के लिए प्रोत्साहित कर
प्रधानमंत्री जनधन योजना को हमेशा खुली रहने वाली योजना बनाने का बुधवार को फैसला किया है। ऐसा फैसला लेने के पीछे मुख्य उदेश्य यह हैं कि सरकार ने लोगों को बैंक खाता खोलने के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना में कुछ और प्रोत्साहन जोड़ने का भी फैसला किया गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट के इन फैसले की जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। उन्होंने कहा कि जनधन योजना की भारी सफलता को देखते हुए सरकार ने इस योजना को हमेशा खुली रखने का फैसला किया है। योजना अनिश्चित काल तक खुली रहेगी।
आम जनता को बैंकों से जोड़ना
याद दिला दें कि इस योजना को अगस्त, 2014 में शुरू किया गया था। तब योजना को 4 साल के लिए खोला गया था। आम जनता को बैंकों से जोड़ने और उन्हें बीमा और पेंशन जैसी वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इसकी शुरुआत की गई। वित्तीय समावेश के राष्ट्रीय मिशन के तौर पर इसे शुरू किया गया। ये भी अवश्य पढ़ें।
योजना के तहत अब तक 32.41 करोड़ खाते खोले
मौके पर वित्त मंत्री ने बताया कि जन-धन खातों में ओवरड्राफ्ट की सुविधा 5000 रुपए से बढ़ाकर 10000 रुपए की जाएगी। योजना के तहत अब तक 32.41 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं और इनमें अब तक 81,200 करोड़ रुपए की राशि जमा है। जनधन खाते खोलने वालों में 53 प्रतिशत महिलाएं हैं जबकि इनमें 83 प्रतिशत खाते आधार से जुड़े हुए हैं। इसमें 59% खाते ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों से संबंधित हैं और 24.4 करोड़ रुपए रुपे कार्ड हैं।
जनधन खातों के तहत अब 2 लाख रुपए बीमा
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया और कहा, 'वित्तीय समावेश के लिए एक नया प्रोत्साहन। जन धन खाताधारकों को अब ज्यादा ओवरड्राफ्ट सुविधा, अधिक आकस्मिक बीमा और भी।' जनधन खातों के तहत अब 2 लाख रुपए बीमा दिया जाएगा। वहीं 2000 रुपए तक की ओडी के लिए कोई शर्त नहीं होगी और ओडी लेने वालों की आयु को 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दिया गया है। जनधन योजना के तहत सभी वयस्कों का खाता खोला लक्ष्य है।


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