यहां पर आपको 12वीं फेल ऋषभ लवानिया की सफलता की कहानी के बारे में बताएंगे।
17 साल की उम्र में हम में से ज्यादातर लोग कॉलेज में एडमिशन या प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी के बारे में सोचना शुरु कर देते हैं तो वहीं हजारों लाखों में से कोई एक 17 साल की उम्र में अपना पहला स्टार्टअप भी लॉन्च कर देता है। जी हां यह बिल्कुल सही है आज हम बात कर रहे हैं दिल्ली के 12वीं फेल ऋषभ लवानिया की। ऋषभ 12वीं फेल हैं लेकिन इस समय उनकी खुद की एक कंपनी WeeTracker है और ये इसमें एमडी और सीईओ है। अब ऋषभ 24 साल के हो चुके हैं और करोड़पतियों में इनकी गिनती होने लगी है। कैसे ये फेल होने के वाबजूद इस मुकाम तक पहुंचे यहां पर आपको विस्तार से बता रहे हैं।
ऐसी हुई शुरुआत
अपने पिता की तरह ऋषभ एक सिविल इंजीनियर बनना चाहते थे लेकिन 12वीं फेल होने के बाद उनकी उम्मीदों पर जैसे पानी ही फिर गया। तब वो अक्सर गूगल से पूछा करते थे कि 12वीं फेल व्यक्ति क्या कर सकता है। इसी दौरान उन्होंने 17 साल की उम्र में 2010 में अपना पहला स्टार्टअप 'रेड कॉर्पेट' शुरु किया। यह एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी थी जिसने दिल्ली-एनसीआर और जयपुर में 70+ प्रचार, कॉर्पोरेट कार्यक्रमों को व्यवस्थित / सह-व्यवस्थित करने में मदद की। इस शुरुआत से उन्हें तकनीकि स्टार्टअप में शामिल होने की भी प्रेरणा मिली।
2013 में लॉन्च किया दूसरा स्टार्टअप
इसके बाद बाजार की उचित समझ प्राप्त होने के बाद ऋषभ ने 2013 में JusGetIT लॉन्च किया जो कि एक लॉजिस्टिक स्टार्टअप है। आपको बता दें कि यह तभी शुरु किया गया था जब बाजार में बिग बॉस्केट और ग्रोफर्स जैसी कंपनियां अपना पैर पसार रहीं थी। जो कि लोगों को ग्रॉसरी का सामान घर तक पहुंचाती है। यह लगभग 6 से 7 महीने तक चला जिसने 30 विक्रेताओं और दुकानदारों के भागीदारी की थी। इनके इस स्टार्टअप के फेल होने के पीछे का कारण रहा प्रभावी मॉडल की कमी।
ऋषभ का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
ऋषभ ने निवेशकों के लिए ZDream Ventures की भी स्थापना की और इसी तरह लगातार मेहनत करने के बाद ऋषभ ने WeeTracker मीडिया कंपनी की शुरुआत की। WeeTracker अफ्रीकी टेक इकोसिस्टम को समर्पित एक ग्लोबल टेक्निक मीडिया है। जिसका मकसद है लोगों को सूचित, शिक्षित और निवेश करने के लिए सिखाने का बीड़ा उठाना।
साउथ अफ्रीका में रहते हैं ऋषभ
इस समय ऋषभ साउथ अफ्रीका के केपटाउन शहर में अपना बिजनेस आगे बढ़ा रहे हैं और बड़े बिजनेसमैन की फेहरिस्त में गिने जाते हैं। WeeTracker के बारे में इनका कहना है कि इनके पास 25 से 30 प्री-सीरीज ए और सीरीज ए के अफ्रीकी उद्यमियों की एक सूची है जो कि उद्यमिता सीखने के लिए भारत आने में रुचि रखते हैं। इनका कहना है कि हम भारत, चीन, अमेरिका और जापान में मेंटर, उद्यमियों और उत्पाद प्रबंधक के नेटवर्क का निर्माण करने की कोशिश कर रहे हैं।
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