पिछले कई महीनों से घरेलू गैस के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। पिछले 17 महीने में 19 किस्तों में एलपीजी के दाम में 76.5 रुपए की वृद्धि करने के बाद तेल कंपनियों ने इस महीने कीमतों में बदलाव न करने का फैसला किया है। इंडियन ऑयल कॉर्प, भारत पेट्रोलियम और कॉर्प, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड पिछले साल जुलाई से हर महीने एलपीजी का दाम बढ़ा रहीं हैं।
गुजराज चुनाव है वजह
कपंनियों का यह लक्ष्य है कि 2018 तक सरकारी सब्सिडी को खत्म करना है। पर गुजरात चुनाव से पहले इस महीने कीमतों में वृद्धि नहीं की गई है।
सब्सिडी खत्म करने के लिए बढ़ रहे हैं दाम
सरकारी कंपनियों की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पिछली बार 1 नवंबर को सब्सिडी वाली एलपीजी की कीमत 4.5 रुपए बढ़ाई गई थी। इससे कीमत बढ़कर 495.69 हो गई। पिछले साल तेल कंपनियों ने कहा था कि वे हर महीने कीमत में इजाफा करके 2018 तक पूरी सब्सिडी खत्म कर देगी। तब से पिछले साल जुलाई से हर महीने कीमतों में वृद्धि की नीति चल रही है। इस बीच प्रति सिलेंडर के दाम 76.5 रुपए बढ़ चुके हैं।
2 रुपए से कीमत में बढ़त की हुई थी शुरुआत
आपको बता दें कि शुरुआत में एलपीजी सिलेंडर के दाम 2 रुपए प्रति माह की स्पीड से बढ़ रहे थे, जो कि इस साल मई से 3 रुपए प्रति माह हो गए। तो वहीं 30 मई को कंपनियों ने आदेश दिया कि हर महीने 4 रुपए दाम बढ़ेंगे।
सब्सिडी वाले सिलेंडर
जिनकी सालाना आय गैस सिलेंडर में सब्सिडी पाने योग्य है उनको साल भर में 12 सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर मिलते हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार हर सिलेंडर पर 251.31 रुपए की सब्सिडी मिलती है। आपको बता दें कि इस समय देश में 18.11 करोड़ लोग सब्सिडी वाले सिलेंडर ले रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत एक साल में तीन करोड गरीब महिलाओं को फ्री में एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद 2.66 करोड़ उपभोक्ता अपनी सब्सिडी लेना छोड़ चुके हैं। आपको भी मिल सकता है गैस एजेंसी का लाइसेंस, बस करना होगा ये काम


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