Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आने के बाद कई नीतियों में सुधार हुआ है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पिछले तीन वर्षों में जमीनों का गाइडलाइन रेट नहीं बढ़ाई थी,बल्कि उपर से 30 प्रतिशत छूट दे दी थी। यह छूट 31 मार्च को समाप्त हो जाएगी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि ये छूट अब नहीं बढाई जाएगी। यानि दो दिन बाद यह आदेश स्वमेव समाप्त हो गया है। इसके बाद छत्तीसगढ़ में जमीनों का गाइडलाइन रेट और बाजार की दर के बराबर हो जाएगा।

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी का कहना है कि बताया कि गाइडलाइन रेट में छूट से किसानों को नुकसान हो रहा था। जमीनों का गाइडलाइन रेट में 30 % छूट समाप्त होने पर छत्तीसगढ के खजाने में 800 से एक हजार करोड़ तक अतिरिक्त राजस्व आएगा। यहीं नहीं, इससे किसानों को भी लाभ होगा।
दरअसल जमीनों का अधिग्रहण होने पर जमीन का गाइडलाइन रेट घटने से किसानों को कुल रकम में एक तिहाई रकम का नुकसान हो रहा था। इसी इस तरह समझा जा सकता है। मान लीजिये कि किसानों की जिस जमीन का रेट एक लाख रुपए है। अधिग्रहण नीति के तहत उन्हें चार गुना यानी चार लाख रुपए मिलना चाहिए, किंतु गाइडलाइन रेट में छूट के कारण से उन्हें तीन लाख ही मिल रहा था। इससे उन्हें एक लाख का नुकसान उठाना पड़ रहा था।
छत्तीसगढ़ की नई सरकार ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले की कई फैसले ले लिए थे,जिन्हे अब अमल में लाया जा रहा है। लोकसभा के चुनावी समर में कूद चुकी है। भले ही सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय अभी कोई नई घोषणा नहीं कर सकें,लेकिन पूर्व में उठाये गए कदमों से मिलने वाले लाभ को जनता तक जरूर ले जाना चाहेंगे।
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