Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार बनने के बाद से नक्सलियों के खेमे में हड़कंप का माहौल है। माना जा रहा है कि भाजपा सरकार की नीतियों की वजह से ही यह संभव हो पाया है। साय का कहना है कि नक्सल विचारधारा पूरे समाज के लिए घातक है। आदिवासी भाई-बहनों की जान, उनके जंगल और जमीन की रक्षा हम हर कीमत पर करेंगे।

सीएम साय का कहना है कि भाजपा सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई विकास योजनाएं चलाती हैं। उन्होंने 'नियद नेल्ला नार' अर्थात आपका अच्छा गांव योजना प्रारंभ की है, जिसमें शासन के 'विकास कैम्प' के आसपास के गांवों तक शासकीय सुविधाओं और योजनाओं को पहुंचाया जा रहा हैं। बहरहाल साय सरकार की इस योजना को लेकर बस्तर से अच्छा फीडबैक मिल रहा है। लोगों में सरकार के प्रति विश्वास जागृत हुआ है।
इधर एक जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में लगभग सौ दिनों में 63 मुठभेड़ों में 54 नक्सलियों के शव, 77 हथियार और 135 विस्फोटक बरामद किए गए हैं। 304 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में भी सुरक्षाबलों को सफलता मिली है। 165 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। नक्सल संबंधी कुल 26 प्रकरणों को देश की प्रमुख जांच एजेंसी एनआइए को सौंपा दी है। गौरतलब है कि बीते 4 माह के दौरान 24 फॉरवर्ड सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई है। निकट भविष्य में 29 नए बेस कैम्पों की स्थापना प्रस्तावित है।
लोकसभा के लिए प्रथम चरण के मतदान के दो दिन पहले कांकेर में माओवदियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को सीएम विष्णुदेव साय ने सुरक्षा बलों की ऐतिहासिक सफलता करार दिया है। उनका कहना है कि हमारे जवानों ने अराजक तत्वों के कुचक्रों को कुचलकर रख दिया है। यह ऐतिहासिक सफलता है। छत्तीसगढ़ नक्सल समस्या से मुक्ति की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस मुठभेड़ में शरीक सभी जवान और सुरक्षा अधिकारी बधाई के पात्र हैं।
साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल मामलों के इतिहास की यह सबसे बड़ी सफलता उनके की कार्यकाल में मिली है।चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश को सुरक्षाबलों ने विफल किया है। बस्तर में पड़ा हर वोट लोकतंत्र के बारे में नक्सलियों द्वारा गढ़े गए झूठे नैरेटिव और दुष्प्रचार को ध्वस्त करता है। हालत यह है कि माओवादी मतदान करने पर लगाई जाने वाली स्याही लगी अंगुलियों को काट देने का फरमान तक जारी करते हैं। इसके बावजूद हमारे आदिवासी भाई-बहन जम कर वोट करते हैं। हम नक्सलियों से सदा अपील करते रहे हैं कि बंदूक छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो जाइये। हम सदैव बातचीत के लिए तैयार हैं। सीएम साय का कहना है कि हम हर तरह की हिंसा से कड़ाई से निपटेंगे। हम प्रधानमंत्रीमोदी की मंशा के अनुरूप इस समस्या के उन्मूलन के लिए संकल्पित हैं। जैसा कि गृहमंत्री अमित शाह ने भी कहा है कि हमारी प्राथमिकता बस्तर को नक्सल मुक्त करने की है। हमारी स्रार उसी दिशा में काम कर रही हैं।
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